Headlines

राजस्थान के श्रीगंगानगर में रेल को बम से उड़ाने की साजिश नाकाम, पैसेंजर ट्रेन गुजरने के बाद हुआ धमाका

राजस्थान के श्रीगंगानगर में रेलवे ट्रैक पर धमाके की जांच करती पुलिस और बम निरोधक दस्ता - न्यूज़ क्रिटिक

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में रेलवे ट्रैक पर हुए जोरदार धमाके से सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई है। यह घटना अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर गांव 50 जीबी के पास हुई। खास बात यह है कि धमाके से करीब 45 मिनट पहले इसी रास्ते से एक पैसेंजर ट्रेन गुजरी थी। विस्फोट के कारण रेलवे ट्रैक के नीचे लगे सीमेंट के स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद रेलवे, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस, सीआईडी, इंटेलिजेंस ब्यूरो और फॉरेंसिक टीमों को मौके पर बुलाया गया। शुरुआती जानकारी में ट्रेन को निशाना बनाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी विस्फोट की प्रकृति और इसके पीछे की मंशा की पुष्टि नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि धमाके में किस सामग्री का इस्तेमाल हुआ और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।

अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर हुआ जोरदार धमाका

यह घटना मंगलवार, 3 नवंबर 2026 की रात श्रीगंगानगर जिले में हुई। अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलखंड पर गांव 50 जीबी के पास रेलवे ट्रैक के नीचे तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास के इलाके में इसकी आवाज सुनाई दी।

जानकारी के मुताबिक, धमाके की आवाज लगभग 200 मीटर दूर स्थित ढाणियों तक पहुंची। आवाज सुनकर ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले। इसके बाद रेलवे ट्रैक के पास पहुंचे लोगों ने नुकसान देखा और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी।

धमाके के कारण पटरी के नीचे लगे सीमेंट के दो स्लीपर टूट गए। इनके अंदर लगी लोहे की सरिया बाहर दिखाई देने लगी। इसके अलावा, ट्रैक के आसपास की गिट्टी बिखर गई और पटरियों के बीच लगभग दो फीट गहरा गड्ढा बन गया।

रेलवे ट्रैक को हुए नुकसान के कारण इस मार्ग पर रेल संचालन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और जांच पूरी होने तक रेल सेवाओं पर रोक लगाने का फैसला लिया।

पैसेंजर ट्रेन गुजरने के करीब 45 मिनट बाद हुआ विस्फोट

इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू धमाके का समय है। पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात अनूपगढ़ से सूरतगढ़ की ओर एक पैसेंजर ट्रेन रवाना हुई थी। यह ट्रेन रात करीब 9 बजे गांव 50 जीबी के आसपास से गुजरी।

इसके लगभग 45 मिनट बाद रात करीब 9:45 बजे रेलवे ट्रैक पर धमाका हुआ। इस तरह ट्रेन के सुरक्षित गुजरने के बाद विस्फोट होने से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

मीडिया रिपोर्टों में अनूपगढ़ से बठिंडा जाने वाली ट्रेन को संभावित निशाना बनाए जाने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोट किस वजह से हुआ। साथ ही, यह भी जांचा जा रहा है कि क्या किसी ने जानबूझकर रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी।

ATS, IB और CID की टीमें जांच में जुटीं

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद जांच के लिए अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों को बुलाया गया।

मौके पर इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी IB, क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट यानी CID और राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड यानी ATS की टीमें पहुंचीं। फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने भी घटनास्थल से नमूने जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।

बम निरोधक दस्ते को भी जांच के लिए बुलाया गया। विशेषज्ञों की मदद से विस्फोट के कारण और इस्तेमाल की गई सामग्री का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच करेंगी। इसके साथ ही आसपास के इलाके की जानकारी और ग्रामीणों से मिले बयानों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी या विस्फोट के पीछे किसी संगठन की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

पुलिस ने RDX बरामदगी से संबंध की पुष्टि नहीं की

श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती इलाके में हाल ही में विस्फोटक सामग्री बरामद होने का मामला भी चर्चा में है। इसी वजह से रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके के बाद दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध को लेकर सवाल उठे।

हालांकि, श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने साफ किया कि फिलहाल रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके का हाल में बरामद 7.5 किलोग्राम RDX से कोई स्थापित संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।

पुलिस के अनुसार, फॉरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ते की जांच के बाद ही विस्फोट की वास्तविक प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी। इसलिए RDX बरामदगी और रेलवे ट्रैक की घटना को फिलहाल अलग-अलग मामलों के रूप में ही देखना जरूरी है।

सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां मामले के हर पहलू की जांच कर रही हैं। हालांकि, किसी आतंकी संगठन या बाहरी नेटवर्क की भूमिका को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर चार ट्रेनें कीं रद्द

रेलवे ट्रैक पर धमाके और जांच के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे ने 4 नवंबर को अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलखंड की चार पैसेंजर सेवाएं रद्द कर दीं। यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा और घटनास्थल की जांच को ध्यान में रखकर लिया गया।

रद्द की गई रेल सेवाओं में ये ट्रेनें शामिल हैं:

  • गाड़ी संख्या 59711: सूरतगढ़-अनूपगढ़।
  • गाड़ी संख्या 59712: अनूपगढ़-सूरतगढ़।
  • गाड़ी संख्या 59715: सूरतगढ़-अनूपगढ़।
  • गाड़ी संख्या 59716: अनूपगढ़-सूरतगढ़।

रेलवे अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। ट्रैक के नीचे लगे स्लीपर और अन्य हिस्सों को हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। रेल संचालन शुरू करने से पहले ट्रैक की तकनीकी सुरक्षा जांच जरूरी है।

इस घटना से स्थानीय यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन लोगों को इस रेलखंड से यात्रा करनी थी, उन्हें अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ा। रेलवे की ओर से सेवाओं को रद्द करने का फैसला जांच और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया गया।

भारत-पाकिस्तान सीमा के पास घटना से बढ़ी सतर्कता

श्रीगंगानगर जिला भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित है। इस वजह से यहां सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाता है। रेलवे ट्रैक पर धमाके के बाद पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।

सीमावर्ती इलाकों में रेलवे और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा अहम मानी जाती है। रेल मार्ग से यात्रियों के साथ-साथ जरूरी सामान का परिवहन भी होता है। ऐसे में रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचने की घटना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

हालांकि, केवल सीमावर्ती क्षेत्र में घटना होने से किसी बाहरी साजिश की पुष्टि नहीं होती। इसके लिए जांच एजेंसियों को ठोस साक्ष्य जुटाने होंगे। विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री, घटनास्थल पर मिले संकेत और संभावित आरोपियों की पहचान जांच के महत्वपूर्ण हिस्से होंगे।

जांच के बाद ही सामने आएगी धमाके की असली वजह

फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां विस्फोट के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। फॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि घटनास्थल पर किस तरह की सामग्री मौजूद थी। इसके बाद जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि विस्फोट दुर्घटनावश हुआ या किसी ने जानबूझकर इसे अंजाम दिया।

इसके साथ ही रेलवे ट्रैक को हुए नुकसान की तकनीकी जांच भी महत्वपूर्ण है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि मरम्मत के बाद इस मार्ग पर ट्रेन संचालन सुरक्षित रहे। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे की जांच पूरी होने के बाद ही सेवाएं बहाल की जा सकती हैं।

जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल किसी आरोपी, संगठन या साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

निष्कर्ष

राजस्थान के श्रीगंगानगर में अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर हुआ धमाका सुरक्षा के लिहाज से गंभीर घटना है। पैसेंजर ट्रेन के गुजरने के करीब 45 मिनट बाद विस्फोट हुआ, जिससे रेलवे ट्रैक के नीचे लगे दो सीमेंट स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। ट्रेन के पहले गुजर जाने से बड़ा हादसा टल गया।

घटना के बाद ATS, IB, CID, पुलिस और फॉरेंसिक टीमें जांच में जुटी हैं। रेलवे ने एहतियात के तौर पर चार पैसेंजर ट्रेनें रद्द की हैं। अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि यह विस्फोट कैसे हुआ और क्या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *