अमेरिका में रंजीव पुरी ने रचा इतिहास, मिशिगन हाउस के पहले भारतीय-अमेरिकी स्पीकर चुने गए
अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों ने राजनीति के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता रंजीव पुरी को मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का स्पीकर चुना गया है। वह इस पद पर पहुंचने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बन गए हैं। 42 वर्षीय रंजीव पुरी की यह उपलब्धि अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के समुदाय की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।
रंजीव पुरी का चुनाव 5 नवंबर को डेमोक्रेटिक पार्टी के विधायकों के नेतृत्व चयन के दौरान हुआ। वह 2027-2028 के विधायी कार्यकाल में मिशिगन हाउस का नेतृत्व करेंगे। उनके चयन के बाद भारतीय-अमेरिकी समुदाय में खुशी का माहौल है। पुरी ने इस जिम्मेदारी को अपने लिए बड़ा सम्मान बताया है।
मिशिगन हाउस के पहले भारतीय-अमेरिकी स्पीकर बने रंजीव पुरी
रंजीव पुरी का मिशिगन हाउस का स्पीकर चुना जाना ऐतिहासिक माना जा रहा है। इससे पहले इस पद पर किसी भारतीय-अमेरिकी नेता ने जिम्मेदारी नहीं संभाली थी। अब वह मिशिगन राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहे हैं।
मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स राज्य की विधानसभा का निचला सदन है। इसमें कुल 110 सदस्य होते हैं। सदन का स्पीकर विधायी कार्यवाही का संचालन करता है। इसके अलावा वह सदन के कामकाज और नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में भी भूमिका निभाता है।
रंजीव पुरी डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े हैं और कैंटन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह लगातार अपने राजनीतिक अनुभव के आधार पर पार्टी में आगे बढ़े हैं। इससे पहले वह मिशिगन हाउस में डेमोक्रेटिक कॉकस के नेता भी रह चुके हैं।
उनका चयन ऐसे समय हुआ है, जब मिशिगन की राजनीति में डेमोक्रेटिक पार्टी को नई मजबूती मिली है। पार्टी ने विधानसभा में बहुमत हासिल किया है। ऐसे में पुरी को सदन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
2027-2028 के कार्यकाल में संभालेंगे स्पीकर की जिम्मेदारी
रंजीव पुरी को स्पीकर चुने जाने की घोषणा मिशिगन हाउस डेमोक्रेट्स ने की। पार्टी के अनुसार, नए विधायी नेतृत्व का चयन आंतरिक मतदान के बाद किया गया। पुरी 2027-2028 के कार्यकाल में स्पीकर के रूप में काम करेंगे।
मिशिगन हाउस में डेमोक्रेटिक पार्टी को 63 सीटों के साथ बहुमत मिला है। वहीं रिपब्लिकन पार्टी के पास 47 सीटें हैं। इस बदलाव के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी को सदन में नेतृत्व करने का अवसर मिला है।
पिछले कार्यकाल में सदन पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण था। उस दौरान रंजीव पुरी ने विपक्ष में रहते हुए डेमोक्रेटिक कॉकस का नेतृत्व किया। अब पार्टी के बहुमत में आने के बाद उन्हें स्पीकर पद की जिम्मेदारी मिली है।
यह बदलाव उनके राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब उन्हें सदन में विधायी कामकाज को आगे बढ़ाने और अलग-अलग मुद्दों पर सदस्यों के बीच समन्वय बनाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
पंजाब से जुड़े हैं रंजीव पुरी के परिवार की जड़ें
रंजीव पुरी का परिवार भारतीय मूल का है। उनके माता-पिता पंजाब से अमेरिका पहुंचे थे। पुरी ने अपनी इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए माता-पिता के संघर्ष और उनके सपनों को याद किया।
उन्होंने कहा कि जब उनके माता-पिता अमेरिका आए थे, तब उन्होंने शायद कभी कल्पना नहीं की होगी कि उनका बेटा एक दिन मिशिगन हाउस का नेतृत्व करेगा। पुरी के मुताबिक, यह उपलब्धि बाधाओं को पार करने और अवसरों की ताकत को दिखाती है।
उनकी सफलता भारतीय-अमेरिकी परिवारों के लिए भी खास महत्व रखती है। विदेश में बसे भारतीय परिवारों की नई पीढ़ी शिक्षा, कारोबार और राजनीति जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही है।
रंजीव पुरी का स्पीकर चुना जाना इसी बदलाव का एक उदाहरण है। उन्होंने स्थानीय राजनीति से शुरुआत करते हुए राज्य के महत्वपूर्ण पद तक पहुंचने का सफर तय किया है।
2020 में बने थे मिशिगन के पहले सिख-अमेरिकी विधायक
रंजीव पुरी का राजनीतिक सफर भी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों से जुड़ा है। वर्ष 2020 में वह मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुने गए थे। उस समय वह मिशिगन के इतिहास में सदन के लिए चुने जाने वाले पहले सिख-अमेरिकी बने थे।
विधायक बनने के बाद उन्होंने लगातार अपने क्षेत्र के मुद्दों पर काम किया। उनके राजनीतिक कार्यों में स्वास्थ्य सेवाओं, आवास और आम लोगों के खर्च से जुड़े विषय शामिल रहे हैं।
दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्हें मेजॉरिटी व्हिप की जिम्मेदारी भी मिली थी। इसके बाद 2025 में उन्हें मिशिगन हाउस में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता के रूप में चुना गया।
यह जिम्मेदारी उस समय मिली थी, जब सदन में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत था। ऐसे माहौल में पुरी ने अपनी पार्टी के सदस्यों का नेतृत्व किया। अब स्पीकर चुने जाने के बाद उनके राजनीतिक सफर में एक नया अध्याय जुड़ गया है।
बराक ओबामा के चुनाव अभियानों में भी किया काम
राजनीति में आने से पहले रंजीव पुरी को अमेरिकी चुनावी अभियानों का अनुभव भी मिला था। उन्होंने 2008 और 2012 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के चुनाव अभियानों में काम किया था।
इन अभियानों के दौरान उन्हें संगठन, जनसंपर्क और चुनावी रणनीति से जुड़े कामों को समझने का अवसर मिला। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की और कारोबार के क्षेत्र में भी काम किया।
पुरी ने यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह मिशिगन लौटे और ऑटोमोटिव उद्योग में काम किया।
इसके बाद उन्होंने स्थानीय राजनीति में अपनी सक्रियता बढ़ाई। धीरे-धीरे वह मिशिगन की राजनीति में एक महत्वपूर्ण चेहरा बनकर उभरे। अब स्पीकर पद तक पहुंचना उनके लंबे राजनीतिक और पेशेवर सफर की बड़ी उपलब्धि है।
नई सरकार के साथ मिलकर काम करने की जताई इच्छा
स्पीकर चुने जाने के बाद रंजीव पुरी ने अपने सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि साथी विधायकों ने उन पर भरोसा जताया है और वह इस जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित हैं।
पुरी ने मिशिगन के नवनिर्वाचित सीनेट मेजॉरिटी लीडर डैरिन कैमिलेरी और नवनिर्वाचित गवर्नर जोसलिन बेन्सन के साथ काम करने की इच्छा भी जताई।
उनका कहना है कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा करना प्राथमिकता होगी। इसके लिए राज्य सरकार और विधायिका के बीच समन्वय जरूरी होगा।
मिशिगन में नई राजनीतिक व्यवस्था के तहत डेमोक्रेटिक पार्टी को राज्य के प्रमुख संस्थानों में नेतृत्व मिला है। ऐसे में पुरी के सामने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।
भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने दी बधाई
रंजीव पुरी की इस उपलब्धि पर भारतीय-अमेरिकी समुदाय से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने उन्हें बधाई दी।
पटेल ने कहा कि पुरी ने स्वास्थ्य सेवाओं और आवास जैसे क्षेत्रों में आम लोगों का खर्च कम करने को अपने काम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुरी मिशिगन के परिवारों के जीवन को अधिक किफायती बनाने की दिशा में काम करेंगे।
पटेल ने दक्षिण एशियाई समुदायों की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, पुरी का नेतृत्व राज्य में विभिन्न समुदायों की आवाज को प्रतिनिधित्व देने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
भारतीय मूल के कई लोग अमेरिका में अलग-अलग राजनीतिक पदों पर अपनी पहचान बना चुके हैं। ऐसे में रंजीव पुरी का मिशिगन हाउस का स्पीकर चुना जाना इस प्रतिनिधित्व को एक नई पहचान देता है।
निष्कर्ष
रंजीव पुरी का मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का पहला भारतीय-अमेरिकी स्पीकर चुना जाना अमेरिकी राजनीति में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पंजाबी अप्रवासी माता-पिता के परिवार से आने वाले पुरी ने 2020 में पहले सिख-अमेरिकी विधायक बनकर इतिहास रचा था। अब वह 2027-2028 के कार्यकाल में सदन का नेतृत्व करेंगे। बराक ओबामा के चुनाव अभियानों से लेकर मिशिगन की राजनीति के शीर्ष पद तक उनका सफर भारतीय मूल के लोगों के लिए प्रेरणादायक है। आने वाले समय में उनके सामने जनता से किए गए वादों को पूरा करने और राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी।

