दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, 57 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त
बेंगलुरु। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार अर्धशतक लगाया। इसके साथ ही उन्होंने दलीप ट्रॉफी का 57 साल पुराना रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
15 साल के वैभव ने सिर्फ 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि 15 साल और 157 दिन की उम्र में हासिल की। इससे पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था। उन्होंने 1969 में 16 साल और 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था।
81 गेंदों में बनाए 92 रन
रिकॉर्ड बनाने के बाद भी वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने सेंट्रल जोन के गेंदबाजों के खिलाफ खुलकर शॉट लगाए। वैभव ने 81 गेंदों में 92 रन की शानदार पारी खेली।
उनकी पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। वह अपने पहले दलीप ट्रॉफी शतक से सिर्फ 8 रन दूर रह गए। हालांकि, शतक नहीं लगा पाने का मलाल जरूर रहा होगा, लेकिन उनकी पारी ने क्रिकेट जगत में खूब चर्चा बटोरी।
ईस्ट जोन को मिली शानदार शुरुआत
वैभव सूर्यवंशी ने पारी की शुरुआत अनुभवी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन के साथ की। दोनों ने मिलकर ईस्ट जोन को मजबूत शुरुआत दी।
दोनों बल्लेबाजों के बीच 162 रन की ओपनिंग साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने ईस्ट जोन को मैच में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। वैभव ने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की। इसके बाद उन्होंने खराब गेंदों पर तेजी से रन बनाए।
इस पारी में वैभव की बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ धैर्य भी देखने को मिला। दलीप ट्रॉफी जैसे फर्स्ट-क्लास टूर्नामेंट में इतने कम उम्र में इस तरह की पारी खेलना उनकी प्रतिभा को दिखाता है।
57 साल बाद टूटा रिकॉर्ड
वैभव की इस पारी की सबसे बड़ी उपलब्धि उनका रिकॉर्ड है। इससे पहले दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था।
लक्ष्मण सिंह ने 1969 में यह रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने 16 साल और 23 दिन की उम्र में फिफ्टी लगाई थी। अब वैभव ने 15 साल की उम्र में यह कारनामा करके उनका रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
इस सूची में पीयूष चावला भी शामिल रहे हैं। उन्होंने 16 साल और 307 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था। अब वैभव उनसे भी आगे निकल गए हैं।
शतक से भी चूक गए वैभव
वैभव सूर्यवंशी के पास इस मैच में एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका था। अगर वह शतक लगा देते, तो दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र के शतकवीर बन सकते थे।
वह 92 रन के स्कोर पर आउट हुए। इस तरह वह शतक से केवल 8 रन दूर रह गए। इसके बावजूद उनकी पारी बेहद खास रही।
कप्तानी में भी दिखाया आत्मविश्वास
इस मुकाबले में वैभव ने सिर्फ बल्लेबाजी से ही नहीं, बल्कि कप्तानी से भी प्रभावित किया। नियमित कप्तान ईशान किशन के चोटिल होने के बाद वैभव ने कुछ समय के लिए टीम की कप्तानी संभाली।
मैच के दौरान उनके एक DRS फैसले की भी चर्चा हुई। उनके रिव्यू के बाद ईस्ट जोन को अहम विकेट मिला। इतनी कम उम्र में दबाव के बीच फैसला लेने की उनकी क्षमता ने सभी का ध्यान खींचा।
भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उम्मीद
वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में हैं। उन्होंने कम उम्र में ही घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है। अब दलीप ट्रॉफी में बनाया गया यह रिकॉर्ड उनकी उपलब्धियों में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है।
सेंट्रल जोन के खिलाफ उनकी 92 रन की पारी ने यह भी दिखाया कि वह सिर्फ तेज बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि लंबे फॉर्मेट में भी अच्छी बल्लेबाजी कर सकते हैं। अब क्रिकेट फैंस की नजर उनके आने वाले मुकाबलों पर रहेगी।

