भोपाल में बारिश का असर: भदभदा डैम का गेट खुला, बढ़ा जलस्तर
भोपाल में बारिश का दौर लगातार जारी है। तेज बारिश के बाद शहर के बड़े तालाब का जलस्तर फुल टैंक लेवल तक पहुंच गया, जिसके बाद भदभदा डैम का गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई।
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों तथा तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की है। मौसम विभाग ने भी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।
भोपाल में बारिश से बड़ा तालाब लबालब
भोपाल में बारिश के कारण बड़े तालाब में लगातार पानी की आवक बढ़ती गई। शुक्रवार, 4 सितंबर को तालाब का जलस्तर फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट तक पहुंच गया। इसके बाद अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए भदभदा बांध का गेट खोला गया।
इससे पहले गुरुवार को बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट दर्ज किया गया था। यानी फुल टैंक लेवल तक पहुंचने के लिए केवल 0.30 फीट पानी की जरूरत थी।
लगातार बारिश के चलते यह अंतर भी तेजी से पूरा हो गया। इसके बाद बांध से पानी छोड़ने का फैसला लिया गया।
भदभदा डैम का गेट नंबर 6 खोला गया
बड़ा तालाब फुल होने के बाद शुक्रवार शाम करीब 6 बजे भदभदा बांध का गेट नंबर 6 खोला गया। गेट खोलने से पहले पूजा-अर्चना भी की गई। इस दौरान नगर निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
भदभदा बांध से निकलने वाला पानी आगे कलियासोत की ओर जाता है। ऐसे में बांध से पानी छोड़े जाने के बाद आसपास के जलस्रोतों और निचले क्षेत्रों में भी प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है।
यह भोपाल के लिए मानसून के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। बड़े तालाब का भरना जहां शहर की जलापूर्ति के लिए राहत की खबर है, वहीं अतिरिक्त पानी की निकासी के दौरान निचले इलाकों में सावधानी जरूरी हो जाती है।
जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह
लगातार बारिश के कारण भोपाल के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को पानी भरी सड़कों और तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे स्थानों से दूर रखने की जरूरत है। बारिश के दौरान नदी, नाले और छोटे जलस्रोत अचानक उफान पर आ सकते हैं।
लोगों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- जलभराव वाली सड़क पर वाहन लेकर जाने से बचें।
- नदी और नालों के आसपास जाने से बचें।
- तेज बहाव वाले पानी को पार करने की कोशिश न करें।
- बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
- प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें।
- बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखें।
मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी
भोपाल के साथ मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र ने 5 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 6 सितंबर को भी भारी बारिश का अनुमान है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए भी 5 से 8 सितंबर तक बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।
हाल के दिनों में लगातार बारिश के कारण कई बांधों और जलाशयों में पानी तेजी से बढ़ा है। कुछ स्थानों पर बांधों के गेट भी खोले गए हैं।
बड़े तालाब का भरना क्यों है खास?
बड़ा तालाब भोपाल की पहचान के साथ-साथ शहर के प्रमुख जलस्रोतों में शामिल है। मानसून में इसका पर्याप्त भरना शहर की पेयजल व्यवस्था के लिए राहत देता है।
इस बार भी लगातार बारिश के बाद तालाब में पानी की स्थिति मजबूत हुई है। 30 जून से 4 सितंबर के बीच बड़े तालाब का जलस्तर करीब 8 फीट बढ़ने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि तालाब के फुल होने के बाद अतिरिक्त पानी की निकासी भी जरूरी होती है। इसी प्रक्रिया के तहत भदभदा बांध से पानी छोड़ा गया है।
बारिश से शहर में बढ़ी ठंडक
भोपाल में बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को सुबह से ही कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही।
लगातार बारिश से जहां मौसम सुहाना हुआ है, वहीं निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार बारिश का दौर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में भी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
बांधों और जलाशयों पर प्रशासन की नजर
लगातार बारिश के दौरान बांधों और जलाशयों के जलस्तर पर नजर रखना जरूरी हो जाता है। पानी की आवक बढ़ने पर बांधों से अतिरिक्त पानी छोड़ना पड़ सकता है।
ऐसे में बांधों के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना किसी भी संभावित जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
भोपाल में भदभदा डैम से पानी छोड़े जाने के बाद भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बारिश और तालाब में पानी की आवक के अनुसार आगे भी पानी की निकासी को नियंत्रित किया जा सकता है।
भोपाल में बारिश को लेकर आगे क्या?
मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले दिनों में बारिश का असर बना रह सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश और उसके बाद भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
इसका असर जलाशयों के जलस्तर पर भी पड़ सकता है। यदि बारिश और पानी की आवक जारी रहती है, तो प्रशासन को अतिरिक्त पानी की निकासी और निचले इलाकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखनी होगी।
शहरवासियों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी बात यही है कि वे जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें और किसी भी तरह की आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की मदद लें।
निष्कर्ष
भोपाल में बारिश के कारण बड़ा तालाब फुल टैंक लेवल तक पहुंच गया है। इसके बाद भदभदा डैम का गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई।
लगातार बारिश को देखते हुए लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की जरूरत है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में सावधानी और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना सबसे जरूरी है।

