भारी बारिश का असर: ग्वालियर-चंबल समेत 6 जिलों में स्कूल बंद, श्योपुर में बिगड़े हालात
मध्य प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। 5 सितंबर को कई जिलों में तेज बारिश की चेतावनी के बीच ग्वालियर, गुना, श्योपुर, पन्ना, भिंड और मुरैना में विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।
श्योपुर और शिवपुरी में मौसम विभाग ने अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। श्योपुर में लगातार बारिश के कारण हालात बिगड़े हुए हैं, जबकि प्रशासन और स्थानीय अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
भारी बारिश के चलते स्कूलों में छुट्टी
मध्य प्रदेश में बारिश के बढ़ते असर को देखते हुए 5 सितंबर को कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। फिलहाल ग्वालियर, गुना, श्योपुर, पन्ना, भिंड और मुरैना में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है।
ग्वालियर में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए छुट्टी रहेगी। यह आदेश सरकारी और निजी स्कूलों के साथ CBSE, ICSE और माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध स्कूलों पर भी लागू है।
हालांकि, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को अपने निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचना होगा। पहले से तय परीक्षाएं और जरूरी शैक्षणिक गतिविधियां अपने कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी।
श्योपुर में 12वीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी
श्योपुर में लगातार हो रही अत्यधिक बारिश को देखते हुए नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। यह आदेश सरकारी, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर लागू रहेगा।
जिले में बारिश की स्थिति सामान्य नहीं है। लगातार पानी गिरने से कई इलाकों में जलभराव और नदी-नालों में पानी बढ़ने की स्थिति बनी हुई है।
श्योपुर में अमराल नदी के उफान पर आने की भी रिपोर्ट सामने आई है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
शिवपुरी और श्योपुर में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने 5 सितंबर को शिवपुरी और श्योपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। खराब मौसम को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कई जिलों में भी भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। इसके चलते प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ाई है।
इन जिलों में भी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात का यलो अलर्ट जारी किया है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- विदिशा
- राजगढ़
- शाजापुर
- आगर-मालवा
- मंदसौर
- गुना
- अशोकनगर
- ग्वालियर
- दतिया
- भिंड
- मुरैना
- सतना
- पन्ना
- सागर
- छतरपुर
- टीकमगढ़
- निवाड़ी
इन जिलों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
ग्वालियर-चंबल में बारिश ने बढ़ाई चिंता
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बारिश का असर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इस क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
ग्वालियर में अत्यधिक बारिश की संभावना को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी का फैसला लिया गया है। वहीं मुरैना में स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को भी 5 सितंबर को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
भिंड में नर्सरी से 8वीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी घोषित की गई है। पन्ना में भी विद्यार्थियों के लिए अवकाश रखा गया है।
इस फैसले का उद्देश्य बच्चों को खराब मौसम और संभावित जलभराव के बीच यात्रा करने से बचाना है।
श्योपुर में बिगड़ते हालात पर प्रशासन की नजर
श्योपुर में लगातार बारिश के कारण प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है। भारी बारिश के चलते नदी और नालों में पानी का स्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में खतरा पैदा हो सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, श्योपुर में अमराल नदी उफान पर है। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी कई नदियों के जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसे हालात बनने की खबरें सामने आ रही हैं।
ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और जलभराव वाले क्षेत्रों में आवाजाही को नियंत्रित करना है।
7-8 सितंबर तक बारिश का दौर
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के अनुसार मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। मौजूदा मौसम प्रणाली उत्तरी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय है।
इसके अगले 24 घंटे तक लगभग स्थिर रहने की संभावना जताई गई है। इसके कारण 6 सितंबर को ग्वालियर-चंबल, सागर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
7 और 8 सितंबर को भी कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश और अन्य स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है।
लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत
लगातार भारी बारिश के दौरान लोगों को प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए। खासकर निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाली सड़कों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
लोगों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- जलभराव वाली सड़क पर वाहन चलाने से बचें।
- नदी और नालों के आसपास न जाएं।
- तेज बहाव वाले पानी को पार करने की कोशिश न करें।
- आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें।
- बच्चों को बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न भेजें।
- प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय निर्देशों का पालन करें।
मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा भी बढ़ा
लगातार बारिश के कारण मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन की स्थिति भी बदल रही है। प्रदेश में अब तक 762.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 816 मिलीमीटर है। यानी राज्य में बारिश अभी सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम है।
हालांकि, क्षेत्रवार स्थिति अलग है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से ऊपर पहुंच गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में अभी भी कमी बनी हुई है।
बारिश के मौजूदा दौर से इन आंकड़ों में आने वाले दिनों में और बदलाव हो सकता है।
स्कूलों की छुट्टी के बाद अभिभावकों को क्या करना चाहिए?
जिन जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं, वहां अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने से बचना चाहिए। स्कूल प्रशासन की ओर से परीक्षा या किसी जरूरी गतिविधि को लेकर अलग निर्देश दिए जा सकते हैं।
ग्वालियर और श्योपुर जैसे जिलों में छुट्टी का फैसला मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए लिया गया है। इसलिए अभिभावकों को स्थानीय प्रशासन और स्कूल की सूचना पर ध्यान देना चाहिए।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश में भारी बारिश का असर अब ग्वालियर-चंबल समेत कई जिलों में साफ दिखाई दे रहा है। 5 सितंबर को ग्वालियर, गुना, श्योपुर, पन्ना, भिंड और मुरैना में विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रखे गए हैं, जबकि श्योपुर और शिवपुरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है।
श्योपुर में लगातार बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग के मुताबिक 7-8 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, ऐसे में प्रशासन के निर्देशों का पालन करना सबसे जरूरी है।

