महादेव ऐप घोटाला: ED की छठी चार्जशीट में ₹94,400 करोड़ का खुलासा, 42 नए आरोपी
महादेव ऐप घोटाले में नया खुलासा
महादेव ऐप घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में छठी चार्जशीट दाखिल की है।
इस चार्जशीट में 42 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। ED के अनुसार, महादेव ऐप और उससे जुड़ी वेबसाइटों से करीब ₹94,400 करोड़ की कथित अपराध की आय का अनुमान है।
ED ने यह भी कहा है कि मुख्य महादेव प्लेटफॉर्म अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। एजेंसी के मुताबिक, कई पैनल अब भी चल रहे हैं।
10 साल में ₹94,400 करोड़ का अनुमान
ED के अनुसार, महादेव ऐप और इससे जुड़े प्लेटफॉर्म का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। एजेंसी ने करीब 10 साल की गतिविधियों के आधार पर आंकड़े पेश किए हैं।
चार्जशीट में बताया गया है कि वर्ष 2019 से अब तक अकेले महादेव ऐप से ₹75,000 करोड़ से ₹80,000 करोड़ तक की कथित अपराध की आय का अनुमान है।
इसके अलावा, Skyexchange से करीब ₹11,000 करोड़ से ₹12,000 करोड़ और Lotus365 से करीब ₹2,400 करोड़ की कथित आय बताई गई है। इन आंकड़ों को ED ने शुरुआती अनुमान बताया है। नए सबूत मिलने पर इनमें बदलाव हो सकता है।
42 लोग और कंपनियां बने आरोपी
ED की छठी चार्जशीट में कुल 42 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। इसके साथ ही इस मामले में अब तक छह चार्जशीट में 116 आरोपियों का उल्लेख हो चुका है।
ED ने बताया कि जांच के दौरान देशभर में करीब 190 ठिकानों पर तलाशी ली गई। वहीं, अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।
एजेंसी ने करीब ₹2,104 करोड़ की संपत्ति जब्त या कुर्क किए जाने की जानकारी दी है।
महादेव ऐप अब भी सक्रिय होने का दावा
इस मामले में सबसे अहम बात ऐप के संचालन को लेकर सामने आई है। ED ने अदालत को बताया कि मुख्य महादेव प्लेटफॉर्म अभी भी सक्रिय है।
एजेंसी के अनुसार, बड़ी संख्या में पैनल अब भी चल रहे हैं। इन पैनलों के जरिए अलग-अलग खेलों और ऑनलाइन गेम में कथित तौर पर सट्टेबाजी कराई जाती थी।
महादेव नेटवर्क से जुड़े प्लेटफॉर्म विदेश में होस्ट किए जाने की बात भी चार्जशीट में कही गई है। इनका प्रचार सोशल मीडिया और बंद मैसेजिंग ग्रुप के जरिए किए जाने का आरोप है।
किन खेलों पर लगाया जाता था सट्टा?
ED के मुताबिक, महादेव नेटवर्क पर कई तरह की ऑनलाइन सट्टेबाजी होती थी। इसमें खेल और कार्ड गेम दोनों शामिल थे।
एजेंसी ने क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और बैडमिंटन जैसे खेलों का उल्लेख किया है। इसके अलावा पोकर, तीन पत्ती और दूसरे कार्ड गेम भी नेटवर्क से जुड़े बताए गए हैं।
चार्जशीट में भारत में होने वाले चुनावों पर कथित सट्टेबाजी के लिए ऐप उपलब्ध होने का भी उल्लेख किया गया है।
पैनल सिस्टम से चलता था नेटवर्क
जांच एजेंसी के अनुसार, महादेव नेटवर्क का संचालन पैनल सिस्टम के जरिए किया जाता था। अलग-अलग जगहों पर ऑपरेटर इन पैनलों को संभालते थे।
इन ऑपरेटरों पर ग्राहक जोड़ने और सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियां चलाने का आरोप है। ED ने कहा है कि कुछ पैनल ऑपरेटरों ने करोड़ों रुपये की कथित कमाई की।
भिलाई, रायपुर, भोपाल और दिल्ली जैसे शहरों से जुड़े पैनल ऑपरेटरों का भी चार्जशीट में उल्लेख है। एजेंसी के अनुसार, कुछ लोगों की कथित कमाई करीब ₹3.5 करोड़ से ₹60 करोड़ तक रही।
पैसे का इस्तेमाल कहां किया गया?
ED ने अपनी जांच में कथित अवैध कमाई के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया है। एजेंसी के अनुसार, कुछ ऑपरेटरों ने इस रकम से संपत्ति और सोना खरीदा।
इसके अलावा महंगी कारों और शादियों पर भी पैसा खर्च करने की बात सामने आई है। कुछ मामलों में विदेश में संपत्ति खरीदने के आरोप भी जांच का हिस्सा हैं।
ED ने पहले भी महादेव नेटवर्क से जुड़े लोगों की संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की है। इससे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का दायरा बढ़ा है।
पुलिस और प्रभावशाली लोगों पर भी आरोप
ED ने चार्जशीट में स्थानीय स्तर पर कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। एजेंसी ने कुछ पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच का उल्लेख किया है।
हालांकि, इन आरोपों को अभी अदालत में साबित होना बाकी है। इसलिए इन्हें जांच एजेंसी के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
मामले में अलग-अलग एजेंसियां अपनी जांच आगे बढ़ा रही हैं। CBI भी महादेव ऐप से जुड़े मामलों में कार्रवाई कर रही है।
CBI ने भी की बड़ी गिरफ्तारी
महादेव ऐप मामले में 24 सितंबर को CBI ने अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया। उसे दुबई से लौटने के बाद हैदराबाद एयरपोर्ट पर पकड़ा गया।
CBI के अनुसार, अभिषेक कुमार महादेव नेटवर्क के संचालन में शामिल था। एजेंसी ने उस पर पैनल के समन्वय और सट्टेबाजी से जुड़े पैसों के लेनदेन में भूमिका का आरोप लगाया है।
CBI ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस हिरासत मिली। मामले की जांच अभी जारी है।
अब तक कितनी कार्रवाई हुई?
महादेव ऐप मामले में ED और CBI की कार्रवाई लगातार जारी है। ED ने अपने छह आरोपपत्रों में 116 आरोपियों का उल्लेख किया है।
जांच के दौरान करीब 190 ठिकानों पर तलाशी की गई है। इसके अलावा 14 लोगों की गिरफ्तारी और ₹2,104 करोड़ की संपत्ति जब्त या कुर्क करने की जानकारी दी गई है।
वहीं, CBI ने भी इस मामले से जुड़े कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, CBI ने अब तक आठ चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें 100 आरोपियों का उल्लेख है।
आगे क्या होगा?
ED की छठी चार्जशीट के बाद अब मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अदालत में एजेंसी को अपने आरोपों और सबूतों को पेश करना होगा।
₹94,400 करोड़ का आंकड़ा भी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं है। ED ने इसे जांच के आधार पर तैयार किया गया शुरुआती अनुमान बताया है।
आगे की जांच में नए सबूत सामने आ सकते हैं। इसके आधार पर कथित अपराध की आय का आंकड़ा बदल भी सकता है।
निष्कर्ष
महादेव ऐप घोटाला मामले में ED की छठी चार्जशीट ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। एजेंसी ने करीब ₹94,400 करोड़ की कथित अपराध की आय का अनुमान लगाया है।
चार्जशीट में 42 नए लोग और कंपनियां आरोपी बनाए गए हैं। साथ ही, ED ने मुख्य प्लेटफॉर्म के अब भी सक्रिय होने का दावा किया है।
हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल ED और CBI दोनों की जांच जारी है।

