एशियन गेम्स 2026: लवलीना ने बॉक्सिंग में जीता गोल्ड, भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने कोरिया को हराकर जीता गोल्ड, रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए 2 अक्टूबर का दिन बेहद खास रहा। लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75 किलोग्राम बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीता। इसके साथ ही भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इन दोनों जीत ने भारतीय खेल प्रेमियों को बड़ी खुशी दी। खास बात यह रही कि रिकर्व टीम ने एशियन गेम्स में पहली बार इस स्पर्धा का गोल्ड जीता। वहीं लवलीना ने भी एशियन गेम्स में अपना पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।
लवलीना बोरगोहेन ने बॉक्सिंग में जीता गोल्ड
लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा के फाइनल में चीन की बाओ जिया को 5-0 से हराया। इस जीत के साथ उन्होंने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फाइनल में लवलीना ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी।
लवलीना के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि उन्होंने अपने जन्मदिन के दिन गोल्ड जीता। वह एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनीं। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल मैरी कॉम ने हासिल की थी।
लवलीना का एशियन गेम्स 2026 तक का सफर आसान नहीं रहा। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया की सेओंग सु-योन को 5-0 से हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 के करीबी फैसले में मात दी।
फाइनल में पहुंचने के बाद लवलीना ने चीन की बाओ जिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। पांचों जजों ने उनके पक्ष में फैसला दिया। इस तरह उन्होंने 5-0 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक पक्का किया।
लवलीना के करियर की बड़ी उपलब्धि
लवलीना बोरगोहेन इससे पहले ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2022 एशियन गेम्स में रजत पदक भी हासिल किया था। अब एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड जीतकर उन्होंने अपने पदकों का रंग बदल दिया है।
लवलीना ने जीत के बाद कहा कि उनका लक्ष्य हमेशा पोडियम पर रहना रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय गान बजना उनके लिए हमेशा खास पल होता है। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय बॉक्सिंग में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लवलीना को गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने महिलाओं की 75 किलोग्राम बॉक्सिंग में लवलीना की 5-0 की जीत की सराहना की।
महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को हराया
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने भी इतिहास रच दिया। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहड़ की टीम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया। इस जीत के साथ भारत ने पहली बार महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में एशियन गेम्स गोल्ड जीता।
दक्षिण कोरिया को रिकर्व तीरंदाजी की मजबूत टीमों में गिना जाता है। फाइनल में भारतीय टीम के सामने कांग चाएयंग, ओ येजिन और ली यूनजी थीं। इसके बावजूद भारतीय तिकड़ी ने दबाव में शानदार प्रदर्शन किया।
फाइनल के शुरुआती सेट काफी करीबी रहे। दोनों टीमों के बीच मुकाबला लगातार बराबरी पर चलता रहा। इसके बाद तीसरे सेट में भारत ने बढ़त बनाई और चौथे सेट में भी संयम बनाए रखा। आखिरकार भारतीय टीम ने 5-3 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
भारत के लिए क्यों ऐतिहासिक है यह जीत?
भारतीय महिला रिकर्व टीम इससे पहले एशियन गेम्स में इस स्पर्धा के फाइनल तक नहीं पहुंची थी। 2022 में टीम ने कांस्य पदक जीता था। हालांकि, इस बार भारतीय टीम ने एक कदम आगे बढ़ते हुए सीधे गोल्ड पर कब्जा किया।
इस जीत के साथ अंकिता, कीर्ति और कुमकुम ने भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। टीम ने विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। इसलिए इस गोल्ड का महत्व और बढ़ जाता है।
खास बात यह भी है कि टीम की तीनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग अनुभव के साथ इस मुकाबले में हिस्सा लिया। अंकिता भकत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वहीं कुमकुम मोहड़ युवा भारतीय तीरंदाजों में तेजी से अपनी पहचान बना रही हैं।
कुमकुम मोहड़ का भी शानदार प्रदर्शन
एशियन गेम्स 2026 में कुमकुम मोहड़ का प्रदर्शन खास चर्चा में रहा। महिला रिकर्व टीम के साथ गोल्ड जीतने के बाद उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी शानदार प्रदर्शन किया। 3 अक्टूबर को उन्होंने महिला व्यक्तिगत रिकर्व में भी गोल्ड जीता।
कुमकुम ने व्यक्तिगत फाइनल में दक्षिण कोरिया की ओ येजिन को शूट-ऑफ में हराया। मुकाबला 5-5 से बराबर रहने के बाद शूट-ऑफ में कुमकुम ने 10 अंक हासिल किए। ओ येजिन 8 अंक ही हासिल कर सकीं।
इस जीत के साथ कुमकुम महिला व्यक्तिगत रिकर्व में एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उनकी यह उपलब्धि भारतीय तीरंदाजी के लिए एक और ऐतिहासिक पल बन गई।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का बढ़ता दबदबा
लवलीना और महिला रिकर्व टीम की जीत भारत के लिए बड़े स्वर्ण पदक लेकर आई। 2 अक्टूबर को भारत ने बॉक्सिंग, तीरंदाजी, कुश्ती और महिला हॉकी सहित कई खेलों में गोल्ड जीते।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। इस जीत के साथ टीम ने एशियन गेम्स में लंबे अंतराल के बाद स्वर्ण पदक हासिल किया।
वहीं बॉक्सिंग में लवलीना के अलावा परवीन हुड्डा ने भी महिलाओं की 65 किलोग्राम श्रेणी में गोल्ड जीता। पुरुषों की 80 किलोग्राम श्रेणी में अंकुश पंघाल ने स्वर्ण पदक हासिल किया। कुश्ती में सुजीत कलकल ने भी गोल्ड अपने नाम किया।
इस तरह एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन लगातार मजबूत होता गया। खासकर बॉक्सिंग और तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण मुकाबलों में दबाव के बीच अच्छा प्रदर्शन किया।
भारतीय खेलों के लिए क्या मायने रखता है यह प्रदर्शन?
लवलीना की जीत भारतीय बॉक्सिंग के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर यह दिखाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका अनुभव अब भी बेहद उपयोगी है। वहीं महिला रिकर्व टीम की जीत भारतीय तीरंदाजी के लिए नई उपलब्धि लेकर आई।
रिकर्व टीम का दक्षिण कोरिया को हराना भी महत्वपूर्ण रहा। दक्षिण कोरियाई टीम लंबे समय से इस खेल की प्रमुख ताकतों में शामिल रही है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों की यह जीत टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।
इसके अलावा, कुमकुम मोहड़ जैसी युवा खिलाड़ी का प्रदर्शन भारतीय तीरंदाजी के भविष्य के लिए भी ध्यान खींचता है। टीम और व्यक्तिगत दोनों स्पर्धाओं में उनका प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 की बड़ी कहानियों में शामिल हो गया है।
निष्कर्ष
एशियन गेम्स 2026 में भारत को लवलीना बोरगोहेन और महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम के रूप में दो बड़ी गोल्ड मेडल जीत मिलीं। लवलीना ने बॉक्सिंग में 75 किलोग्राम वर्ग का खिताब जीता। वहीं अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहड़ ने दक्षिण कोरिया को हराकर इतिहास रचा।
इन दोनों उपलब्धियों ने भारतीय खेलों की मजबूत तस्वीर सामने रखी है। खासकर तीरंदाजी में पहली बार महिला रिकर्व टीम का गोल्ड जीतना बड़ी उपलब्धि है। वहीं लवलीना का स्वर्ण पदक उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की एक और बड़ी कामयाबी बन गया है।

