मुख़्तार अंसारी की मौत की जाँच की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, कोर्ट ने यूपी सरकार के लिए जारी किया नोटिस
गैंगस्टर से राजनेता बने मुख़्तार अंसारी की मौत आज से तीन महीने पहले हो चुकी है। लेकिन उनका परिवार शुरू से ही आरोप लगा रहा है कि मुख़्तार अंसारी को जेल में जहर देकर मारा गया। इसी आरोप के तहत मुख़्तार के परिवार ने मौत की जाँच की याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली। इसी याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुयी। मुख़्तार अंसारी की तरफ से पेश वकील कपिल सिब्बल ने मुख़्तार की मौत पर सवाल उठाये।
कपिल सिब्बल ने कहा कि आरोप है कि मुख़्तार अंसारी को जेल में जहर दिया गया। इसकी जाँच जरूरी है। कपिल सिब्बल ने आगे कहा कि उन्होंने इससे पहले मुख्तार अंसारी को बांदा जेल में जान का खतरा होने का अंदेशा जताते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। मगर अब उसकी मौत हो चुकी है। लिहाजा ये याचिका निष्प्रभावी हो चुकी है। ऐसे में वो इस याचिका में संशोधन करके नई अर्जी दाखिल करना चाहते है। उन्होंने ऐसा करने के लिए अदालत की इजाजत मांगी।
मौत की जाँच होनी चाहिए– कपिल सिब्बल
सुप्रीमकोर्ट में जस्टिस हृषिकेश रॉय और एसवीएन भट्टी की पीठ ने उम्र अंसारी की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि मुख्तार को जेल ले जाया गया और उसकी मौत हो गई। इस मामले की जांच होनी चाहिए। इस पर जस्टिस रॉय ने कहा कि हम उसे वापस नहीं ला सकते हैं। सिब्बल ने इसके जवाब में कहा कि इस देश में लोगों के साथ इस तरह का बर्ताव नहीं किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने उमर अंसारी की मांग अर्जी में संसोधन पर यूपी सरकार को नोटिस जारी कर दिया है। अब यूपी सरकार के जवाब के बाद ही कोर्ट तय करेगा कि संसोधित अर्जी को सुनवाई के लिए स्वीकार किया जाये या नहीं। इससे पहले भी 2023 में उमर अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका डाली थी। जिसमे उन्होंने कहा था कि उसके पिता को जेल में जान का खतरा है। उसे यूपी जेल से ट्रांसफर कर दिया जाये।

