May 18, 2026

News Critic

Latest News In Hindi

कोलकत्ता रेप एंड मर्डर केस की सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई, केस में बरती गयी लापरवाही को लेकर ममता सरकार को लगायी फटकार

आज गुरुवार 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में कोलकत्ता आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के रेप एंड मर्डर केस की सुनवाई हुयी। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान डॉक्टर्स से काम पर लौटने की अपील भी की। इसके साथ ही कोर्ट ने आश्वासन दिया कि अस्पतालों में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार पर केस में लापरवाही बरतने के लिए फटकार भी लगायी। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने क्या क्या टिप्पणियां की।

* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को काम पर लौटने दिया जाए। एक बार जब वे काम पर लौट आएंगे तो अदालत अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का दबाव बनाएगी। अदालत ने कहा कि अगर डॉक्टर काम पर नहीं लौटेंगे तो पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर कैसे काम करेगा।

* चीफ जस्टिस ने डॉक्टरों की ड्यूटी 36 घंटे तक होने पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब मेरे एक रिश्तेदार भर्ती थे, तब मैं भी सरकारी हॉस्पिटल में फर्श पर सोया हूँ। सरकारी अस्पतालों में इतनी दिक्कतें हैं कि उसे बताते हुए हमारे पास कई ईमेल आए हैं।

* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुबह 10.10 बजे अननेचुरल डेथ की डायरी एंट्री हुई। ये परेशान करने वाली है। शव उठाते वक्त पुलिस को मालू्म था कि यह अननेचुरल डेथ है, फिर भी रात में 11.45 बजे एफआईआर की गई। अदालत ने बंगाल सरकार के वकील कपिल सिब्बल को फटकार लगाते हुए उन्हें जिम्मेदारी से जवाब देने तक को कह दिया।

बंगाल सरकार के वकील से सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि पुलिस ने जो प्रक्रिया अपनाई है, वो क्रिमिनल प्रोसीजर कोड से अलग है। जज ने कहा कि मैंने अपने 30 साल के करियर में ऐसा नहीं देखा है। आपके पुलिस अधिकारी के काम का तरीका बिल्कुल सही नहीं था। डायरी एंट्री दिखाती है कि क्राइम सीन को पोस्टमार्टम के बाद संरक्षित किया गया।

* सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि घटनास्थल पर कई अहम सुराग थे, लेकिन उसे संरक्षित करने में देर की गई। इसकी वजह से अहम सबूत मिट जाने का अंदेशा है।

* कोलकाता केस पर सुनवाई के दौरान अदालत में कपिल सिब्बल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के बीच झड़प भी हो गई। मेहता ने कहा कि घटना की सूचना की जानकारी सुबह 10.10 बजे की है, जबकि अननेचुरल डेथ केस रात 11.30 बजे दर्ज हुआ है। इतनी देरी गलत ही नहीं, बल्कि अमानवीय है। इसका सिब्बल ने विरोध किया।

* अदालत में सुनवाई के दौरान इस बात का भी जिक्र हुआ कि एक वकील ने शव से भारी मात्रा में सीमेन मिलने की बात कही थी। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि हमारे पास पोस्टमार्टम रिपोर्ट है। आप सोशल मीडिया के आधार पर दावा मत कीजिए।

* बंगाल सरकार के वकील कपिल सिब्बल ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में हुई हिंसा के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि वहां लोग प्रोटेस्ट के नाम पर जुटे थे। बाद में वहां हिंसा होने लगी।

* सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई की तरफ से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि वैसे सरकार का हलफनामा भी सोशल मीडिया के आधार पर ही है। ये सुनकर सिब्बल नाराज हो गए और कहा कि आप हलफनामा ठीक से पढ़िए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *