हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज बन रहे हैं बड़ी समस्या, इन संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज तेजी से बढ़ने वाली गंभीर बीमारियों में शामिल हो चुकी हैं। डॉक्टरों के अनुसार ये दोनों समस्याएं अक्सर एक साथ शरीर को प्रभावित करती हैं और शुरुआत में इनके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें थकान, तनाव या कमजोरी समझकर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन अगर समय रहते इन पर ध्यान न दिया जाए तो आगे चलकर यह हार्ट, किडनी, आंखों और दिमाग जैसी महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण युवाओं में भी इन बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि अब डॉक्टर नियमित जांच और स्वस्थ आदतों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
भारत में क्यों बढ़ रहे हैं डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मामले?
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की आईएनडीआईएबी स्टडी के अनुसार भारत में डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के बढ़ते मामलों के पीछे मोटापा, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और खराब लाइफस्टाइल मुख्य कारण हैं। पहले ये समस्याएं सिर्फ शहरों तक सीमित मानी जाती थीं, लेकिन अब गांवों में भी बड़ी संख्या में लोग इन बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक लंबे समय तक बैठे रहना, जंक फूड और पैकेज्ड फूड का ज्यादा सेवन, जरूरत से ज्यादा नमक खाना, नींद की कमी, धूम्रपान और शराब जैसी आदतें शरीर को धीरे-धीरे बीमार बना रही हैं। कई लोग तब तक जांच नहीं करवाते जब तक बीमारी गंभीर रूप न ले ले।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज दोनों मेटाबॉलिक बीमारियां हैं और एक बीमारी दूसरी को और ज्यादा खतरनाक बना सकती है। अगर ब्लड शुगर लंबे समय तक कंट्रोल में न रहे तो ब्लड वेसल्स कमजोर होने लगती हैं। वहीं हाई ब्लड प्रेशर दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
डॉक्टरों के अनुसार लगातार सिर दर्द, खासकर सुबह के समय या थोड़ी मेहनत करने के बाद सिर भारी लगना हाई ब्लड प्रेशर का संकेत हो सकता है। कई बार लोग इसे सामान्य तनाव समझ लेते हैं, लेकिन यह शरीर में बढ़ते दबाव की चेतावनी हो सकती है।
इसके अलावा धुंधला दिखाई देना, आंखों के सामने काले धब्बे नजर आना या अचानक फोकस करने में परेशानी होना भी गंभीर संकेत हो सकते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि डायबिटीज के कारण आंखों की नसों को नुकसान पहुंच सकता है, जिसे डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है। हाई ब्लड प्रेशर भी आंखों की रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करता है, जिससे नजर कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है।
बार-बार पेशाब आना, बहुत ज्यादा प्यास लगना और लगातार थकान महसूस होना भी डायबिटीज के सामान्य लक्षण माने जाते हैं। जब शरीर ब्लड में मौजूद अतिरिक्त शुगर को सही तरीके से कंट्रोल नहीं कर पाता, तब ये समस्याएं सामने आने लगती हैं।
अगर पैरों में सूजन बनी रहे या शरीर में कमजोरी लगातार महसूस हो रही हो तो यह किडनी पर असर पड़ने का संकेत भी हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड प्रेशर और डायबिटीज किडनी की फिल्टर करने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
कैसे करें बचाव?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सावधानी और बेहतर जीवनशैली अपनाकर इन बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक करना, संतुलित और पौष्टिक भोजन लेना, नमक और चीनी का सेवन सीमित करना और पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही तनाव को कम करना और नियमित रूप से एक्सरसाइज करना भी शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि 30 साल की उम्र के बाद हर व्यक्ति को समय-समय पर ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच जरूर करवानी चाहिए।
समय रहते बीमारी की पहचान हो जाए तो इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। इसलिए शरीर में दिखाई देने वाले छोटे-छोटे बदलावों को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
