संभल हिंसा पर हो रही है जमकर सियासत, सपा और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के संभल जाने पर रोक
बीते 24 नवंबर को संभल में हुयी हिंसा पर अब सियासी घमासान शुरू हो गया है। जहाँ विपक्षी दल इस हिंसा के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार बता रहे हैं। वहीँ बीजेपी इस हिंसा के लिए सपा को जिम्मेदार बता रही है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता हिंसा में मारे गए पांच लोगों के अलावा पीड़ित परिवारों से मिलने की पूरी कोशिश कर रही है। दोनों ही पार्टियों ने अपने अपने प्रतिनिधिमंडल बनाकर संभल जाने का एलान कर दिया था। लेकिन पुलिस ने दोनों ही पार्टियों के प्रतिनिधिमंडल को संभल जाने से रोक दिया। जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है और किसी भी प्रकार के प्रदर्शन के अलावा धरना देने या जुटान पर रोक है। इसके लिए मुरादाबाद कमिश्नर से अनुमति मांगने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी दोनों ही पार्टियां वहां जाने के लिए आतुर नजर आ रही है।
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष को दिया नोटिस
लखनऊ पुलिस ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को हिंसा प्रभावित संभल का दौरा न करने का नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में बताया गया है कि संभल जिले में शांति और सांप्रदायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए वह जनहित में सहयोग करें और अपना प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित करें ताकि संभल जिले के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित धारा 163 बीएनएसएस के आदेश का उल्लंघन न हो।
लखनऊ पुलिस द्वारा जारी नोटिस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “उन्होंने मुझे नोटिस जारी किया है और कहा है कि मेरे दौरे से अव्यवस्था फैलेगी। निश्चित रूप से हम भी अव्यवस्था नहीं बल्कि शांति चाहते हैं। पुलिस और सरकार ने वहां जो अत्याचार और अन्याय किया है, मैं चाहता हूं कि मेरे नेतृत्व को यह पता चले। उन्होंने (पुलिस ने) मुझे नोटिस दिया है लेकिन मैं वहां शांतिपूर्वक जाऊंगा।”
अजय राय जारी नोटिस पर रामगोपाल यादव
लखनऊ पुलिस द्वारा अजय राय को जारी नोटिस पर सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा, “भाजपा किसी को भी संभल जाने नहीं देना चाहती हैं। जो लोग पाप करते हैं, वे हमेशा उसे छिपाने की कोशिश करते हैं।”
