रांची में राहुल गाँधी पर चल रहे मानहानि के केस में बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने लगायी अंतरिम रोक
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी को रांची में चल रहे मानहानि के केस में बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मानहानि के इस केस पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसी के साथ मुकदमा ख़त्म करने की मांग पर शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है।
दरअसल 2018 में बीजेपी के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह को हत्यारा कहने वाले बयान को लेकर बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने यह केस दर्ज करवाया था।
राहुल गाँधी ने दिया था यह बयान
साल 2018 में कांग्रेस के एक अधिवेशन में भाषण देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि बीजेपी इस तरह की पार्टी है कि उसके कार्यकर्ता हत्यारे को भी अध्यक्ष स्वीकार कर लेते हैं। राहुल गाँधी के इस बयान से आहत होकर बीजेपी के एक कार्यकर्त्ता ने राहुल गाँधी पर शहर की अदालत में मानहानि का केस दर्ज करा दिया था। राहुल गाँधी ने इस केस को खत्म करने के लिए झारखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दर्ज कराई थी। लेकिन पिछले साल फ़रवरी में हाईकोर्ट ने राहुल गाँधी की याचिका को निरस्त कर दिया था। इसके बाद राहुल गाँधी सुप्रीमकोर्ट पंहुचे जहाँ राहुल गाँधी की पैरवी वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने की।
शिकायतकर्ता से माँगा जवाब
वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने ने जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच से कहा कि शिकायतकर्ता मामले में सीधे प्रभावित नहीं है। ऐसे में यह केस नहीं चल सकता। जजों ने इस पर शिकायकर्ता नवीन झा से जवाब मांगते हुए उन्हें नोटिस जारी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 6 सप्ताह बाद होगी। तब तक निचली अदालत की कार्रवाई स्थगित रहेगी।
इसी के साथ न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने राहुल गांधी की अपील पर झारखंड सरकार और भाजपा नेता को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है। राहुल गांधी ने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ जारी कार्यवाही को रद्द करने का अनुरोध करने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
