बॉर्डर पर तनाव चरम पर: अमृतसर, पठानकोट और जम्मू में ब्लैकआउट, एलओसी पर भारी गोलीबारी
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के चलते सीमावर्ती इलाकों में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। पाकिस्तान अपनी उकसावे वाली हरकतों से बाज नहीं आ रहा और सीमा पर लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन कर रहा है। ताजा घटनाक्रम में, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुरक्षा के लिहाज से विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसके तहत अमृतसर, पठानकोट और जम्मू शहरों में अचानक ब्लैकआउट कर दिया गया।
तीन प्रमुख शहरों में ब्लैकआउट से लोग सहमे
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अमृतसर, पठानकोट और जम्मू में रात के समय बिजली सप्लाई को सुरक्षा कारणों से पूरी तरह बंद कर दिया गया। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया ताकि किसी भी हवाई हमले या ड्रोन हमले की स्थिति में हानि को कम किया जा सके। इन शहरों में मौजूद सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को लक्ष्य बनाए जाने की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया।
ब्लैकआउट के चलते स्थानीय लोगों में हलचल और चिंता का माहौल बना रहा। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह निर्णय केवल एहतियाती कदम के तौर पर लिया गया है।
पठानकोट एयरबेस पर बजा सायरन, हाई अलर्ट पर सुरक्षाबल
पठानकोट एयरबेस, जो एक संवेदनशील सैन्य ठिकाना है, वहां से सायरन की आवाज सुनाई दी। यह आवाज तब सुनाई दी जब सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधियों के इनपुट मिलने पर एयरबेस को हाई अलर्ट पर रखा। बताया जा रहा है कि एयरबेस पर सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन मूवमेंट की आशंका को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। यहां मौजूद वायुसेना और थलसेना के जवानों को त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहने का आदेश दिया गया है।
एलओसी पर गोलाबारी तेज, पूंछ में भयंकर शेलिंग
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना की ओर से भारी तोपों से गोलाबारी शुरू कर दी गई है। भारतीय सेना ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया है। दोनों ओर से आर्टिलरी गन और मशीन गनों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। स्थानीय लोग बंकरों में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं।
यह गोलाबारी ऐसे समय हो रही है जब हाल ही में भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में मौजूद आतंकी ठिकानों को ऑपरेशन सिंदूर के तहत नष्ट किया है। इस जवाबी कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने अब सीधे भारतीय इलाकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
हालात पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं अधिकारी
गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उच्चस्तरीय बैठकों का दौर जारी है, जिसमें स्थिति की समीक्षा की जा रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी विचार किया जा रहा है। सेना प्रमुख, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और गृह मंत्री के बीच लगातार संवाद हो रहा है।
आम नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्हें कहा गया है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करें।
इस समय देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता अपने चरम पर है, और भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी हमले या घुसपैठ का कड़ा जवाब देगा।
