वियतनाम पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बोले- दुनिया में बढ़ा भारत का सम्मान और प्रभाव
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार, 18 मई 2026 को अपनी चार दिवसीय वियतनाम और दक्षिण कोरिया यात्रा के पहले चरण में वियतनाम की राजधानी हनोई पहुंचे। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के साथ रक्षा और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना माना जा रहा है। हनोई पहुंचने के बाद रक्षा मंत्री ने वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की और भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव पर विस्तार से बात की।
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया में भारत की स्थिति काफी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि पहले जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी राय रखता था, तब उसे उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था, जितना लिया जाना चाहिए था। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और आज दुनिया भारत की बात को ध्यान से सुनती है।
उन्होंने कहा कि भारत ने अब वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना ली है और दुनिया के बड़े देशों के बीच उसका सम्मान लगातार बढ़ रहा है। रक्षा मंत्री के मुताबिक, भारत अब सिर्फ एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रभाव रखने वाला देश बन चुका है।
प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता और वैश्विक सम्मान का किया जिक्र
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के 31 देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जा चुके हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि उनके अनुसार दुनिया में शायद ही किसी अन्य प्रधानमंत्री को इतने अधिक देशों से सर्वोच्च सम्मान मिला हो। उन्होंने इसे भारत के बढ़ते सम्मान और प्रभाव का प्रतीक बताया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से देश की सेवा कर रहे हैं और लगातार जनता के बीच उनकी लोकप्रियता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में इतना लंबा समय बिताने के बाद भी प्रधानमंत्री की स्वीकार्यता और लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत दुनिया के बड़े फैसलों और वैश्विक मुद्दों में अहम भूमिका निभा रहा है। चाहे आर्थिक क्षेत्र हो, सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हों या अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, भारत की उपस्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।
ऑपरेशन सिंदूर और मध्य-पूर्व संकट पर भी बोले रक्षा मंत्री
राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में भारत की सुरक्षा नीति और हाल के सैन्य अभियानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अब पहले जैसा कमजोर देश नहीं रहा है। अगर कोई पड़ोसी देश भारत के खिलाफ गलत कदम उठाता है, तो उसे करारा जवाब दिया जाता है।
उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। हालांकि उन्होंने अभियान से जुड़े ज्यादा विवरण साझा नहीं किए, लेकिन इसे भारत की मजबूत सैन्य क्षमता का उदाहरण बताया।
मध्य-पूर्व में जारी तनाव और युद्ध का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई को लेकर संकट पैदा हो गया है। इसके बावजूद भारत ने अपने नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया और ईंधन की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी नहीं होने दी।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के अंदरूनी सुरक्षा हालात में भी सुधार आया है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ में नक्सलवाद अब लगभग समाप्ति की ओर है। उनके अनुसार सरकार की नीतियों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की वजह से देश के कई हिस्सों में शांति और विकास का माहौल बना है।
रक्षा मंत्री की यह यात्रा भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच बढ़ते सहयोग के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
