May 19, 2026

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पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का आतंकवाद पर बयान विवादों में, बीबीसी इंटरव्यू में दिए जवाबों पर उठे सवाल

Pakistan's Defence Minister Khawaja Muhammad Asif gestures during an interview with Reuters in Islamabad, Pakistan, May 8, 2025. REUTERS/Fayaz Aziz

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद एक बार फिर पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस हमले में पाकिस्तान से आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद दुनिया की निगाहें फिर से इस पर टिक गई हैं। इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बीबीसी को दिए गए एक इंटरव्यू में आतंकवाद और आतंकी संगठनों को लेकर कई बयान दिए हैं, जिन पर अब विवाद खड़ा हो गया है।

आतंकी संगठनों के वजूद से इंकार

बीबीसी पत्रकार ने ख्वाजा आसिफ से जब सीधा सवाल किया कि क्या पाकिस्तान में अब भी आतंकी संगठन या उनके नेता मौजूद हैं, तो उन्होंने कहा, “नहीं, अब ऐसा कोई नहीं है।” हालांकि, जब उनसे जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन का ज़िक्र किया गया, जो कि जम्मू-कश्मीर में कई हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है, तो उन्होंने इस विषय को पुरानी बातें कहकर टालने की कोशिश की।

रिपोर्टर का तथ्यों के साथ पलटवार

पत्रकार ने अमेरिकी विदेश विभाग की एक ताजा रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन अब भी फंडिंग इकट्ठा कर रहे हैं और सक्रिय हैं। इस पर ख्वाजा आसिफ ने कहा कि, “ये वही लोग हैं जिन्हें 1980 के दशक में अमेरिका और पाकिस्तान दोनों ने समर्थन दिया था। अगर आज उन्हें आतंकी कहा जा रहा है, तो केवल पाकिस्तान को जिम्मेदार क्यों ठहराया जा रहा है?”

मसूद अजहर पर सवाल और बचाव में जवाब

जब पत्रकार ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के बारे में सवाल किया कि क्या वह अभी भी पाकिस्तान में मौजूद हैं और आतंकी गतिविधियों में संलिप्त हैं, तो आसिफ ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा, “मुझे नहीं लगता कि वह पाकिस्तान में हैं।” पत्रकार ने जब यह पूछा कि पाकिस्तान ने ऐसे आतंकियों पर नकेल कसने के लिए क्या कदम उठाए हैं, तो रक्षा मंत्री ने जवाब दिया, “आप बहावलपुर आइए, हम आपको खुद जांच करने की इजाजत देंगे।” बता दें कि बहावलपुर वही जगह है जिसे जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ माना जाता है।

दोहरे मापदंडों की आलोचना

ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि कई ऐसे लोग जो पहले आतंकी संगठनों से जुड़े थे, अब बदल चुके हैं और किसी भी आतंकी गतिविधि में शामिल नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान अब आतंकवाद के खिलाफ पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। लेकिन भारत, अमेरिका और अन्य देशों की खुफिया एजेंसियों के पास मौजूद रिपोर्ट्स कुछ और ही इशारा करती हैं।

पाकिस्तान की भूमिका पर बढ़ते सवाल

भारत लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान की जमीन से संचालित आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर में हिंसा फैलाने की साजिश रचते हैं। अमेरिका भी कई बार पाकिस्तान से यह मांग कर चुका है कि वह जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हक्कानी नेटवर्क जैसे संगठनों पर सख्त कार्रवाई करे। बावजूद इसके, पाकिस्तान की ओर से अक्सर इन आरोपों को या तो नकारा गया है या टालने की कोशिश की गई है।

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बीबीसी को दिया गया इंटरव्यू कई अहम सवाल खड़े करता है। जहां एक तरफ पाकिस्तान खुद को आतंकवाद से पीड़ित देश बताता है, वहीं दूसरी ओर वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से उठाए गए सवालों पर स्पष्ट जवाब देने से बचता नजर आता है। ऐसे में पाकिस्तान की नीयत और उसकी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को लेकर संदेह गहराता जा रहा है। दुनिया अब पाकिस्तान से केवल बयान नहीं, बल्कि ठोस और पारदर्शी कार्रवाई की उम्मीद कर रही है।

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