आम आदमी पार्टी ने किया छात्र संगठन का गठन, अरविंद केजरीवाल ने मौजूदा राजनीति को बताया सभी समस्याओं की जड़
आम आदमी पार्टी (आप) ने 20 मई को एक अहम कदम उठाते हुए अपना आधिकारिक छात्र संगठन ‘वैकल्पिक राजनीति के लिए छात्र संघ’ की शुरुआत की। इस अवसर पर आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मौजूदा राजनीति और शासन प्रणाली पर तीखा हमला बोला।
देश की बुनियादी समस्याएं बनी रहीं जस की तस: केजरीवाल
छात्र संघ की शुरुआत के मौके पर केजरीवाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए देश की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल और युवा आबादी वाले देश में आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। लोगों को ठीक से खाना नहीं मिल रहा, शिक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है, इलाज के लिए समुचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं, अस्पतालों और दवाओं की भारी कमी है, और सड़कों की हालत भी खस्ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, व्यापारियों की हालत खराब है और उद्योग क्षेत्र में गिरावट आ रही है। “देश का शायद ही कोई वर्ग ऐसा है जो आज खुश हो,” उन्होंने कहा।
सभी समस्याओं की जड़ – ‘मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स‘
केजरीवाल ने जोर देते हुए कहा कि इन तमाम समस्याओं की जड़ वर्तमान की परंपरागत राजनीति है जिसे हम ‘मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स’ कहते हैं। उन्होंने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को निशाने पर लेते हुए कहा कि पिछले 75 वर्षों से एक ही ढर्रे की राजनीति हो रही है, जिसमें आम आदमी और छात्रों की भलाई की सोच नहीं है।
उन्होंने कहा, “हमारी जिंदगी के हर पहलू में राजनीति की भूमिका होती है – चाहे वो बिजली हो, पानी हो, रोजगार हो या शिक्षा। जब दिल्ली में हमारी सरकार थी तो 24 घंटे बिजली मिलती थी, लेकिन अब लोगों को पावर कट झेलने पड़ रहे हैं।”
राजनीति में सक्रिय भागीदारी जरूरी: केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने युवाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में बिजली ठीक से आए, वह सस्ती मिले, या नौकरी के अवसर मिलें, तो आपको राजनीति का हिस्सा बनना होगा। उन्होंने कहा कि केवल वोट देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि अच्छे लोगों को राजनीति में आना होगा।
“आप राजनीति से दूर नहीं रह सकते, क्योंकि हर फैसले में राजनीति छिपी होती है। यह तय करती है कि आपकी जिंदगी कैसी होगी,” उन्होंने कहा।
वैकल्पिक राजनीति की मिसाल पेश की है आप ने
केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी की अब तक की कार्यशैली को “वैकल्पिक राजनीति” की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली और पंजाब में आप सरकार ने जो कार्य किए, वो पारंपरिक राजनीति से बिल्कुल अलग हैं। उन्होंने कहा, “हमने साबित किया कि बिना भ्रष्टाचार के, ईमानदारी से सरकार चलाई जा सकती है। हमने सरकारी स्कूलों को सुधारा, स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर कीं और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई।”
उन्होंने यह भी कहा कि जब दिल्ली में आप सरकार थी, तो किसी भी स्कूल को फीस नहीं बढ़ाने दी गई। लेकिन अब, जब शासन बदल गया है, तो स्कूलों की फीस में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
शिक्षा माफिया और स्कूलों की हालत पर चिंता
केजरीवाल ने बताया कि जब वह मुख्यमंत्री थे तो उन्हें शिक्षा माफियाओं और निजी स्कूलों के मालिकों से धमकियां मिलती थीं, क्योंकि उन्होंने स्कूलों की फीस बढ़ने नहीं दी। उन्होंने कहा, “अब तो स्कूलों में बाउंसर लगा दिए गए हैं। जिन बच्चों की फीस नहीं भरी जाती, उन्हें स्कूल में घुसने तक नहीं दिया जा रहा। यही है मौजूदा राजनीति की सच्चाई।”
उन्होंने कहा कि वैकल्पिक राजनीति में शिक्षा सभी के लिए समान होती है – चाहे वह अमीर हो या गरीब। उनका कहना था कि देश को एक ऐसी राजनीति की जरूरत है जो आम लोगों की बात करे, उनकी समस्याओं का समाधान करे और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चले।
आम आदमी पार्टी द्वारा शुरू किया गया यह छात्र संगठन, देश की राजनीति में युवाओं की भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अरविंद केजरीवाल का यह संदेश साफ है – यदि देश की हालत सुधारनी है, तो युवाओं को आगे आना होगा और राजनीति का हिस्सा बनना होगा। उनका यह प्रयास मुख्यधारा की राजनीति के विकल्प के रूप में एक नई सोच और दिशा देने का संकेत है, जिसमें पारदर्शिता, जनहित और न्याय की प्राथमिकता है।
