विसावदर उपचुनाव में ‘आप’ की जीत के बाद केजरीवाल का गुजरात दौरा, संगठन विस्तार की तैयारी
गुजरात की विसावदर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर पहुंचे हैं। यह दौरा 1 जुलाई से शुरू हुआ है और 3 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान केजरीवाल पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और राज्य में संगठन को मजबूत करने के लिए कई अहम बैठकें करेंगे। यह दौरा ‘आप’ के संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
गोपाल इटालिया ने हासिल की बड़ी जीत
विसावदर सीट पर हुए उपचुनाव में ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया ने बीजेपी के प्रत्याशी किरीट पटेल को 17,554 मतों के भारी अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की। चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इटालिया को कुल 75,942 वोट मिले जबकि किरीट पटेल को 58,388 मत प्राप्त हुए। यह जीत न केवल स्थानीय स्तर पर पार्टी की लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि राज्य में एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में ‘आप’ की स्थिति को भी मजबूत करती है।
‘गुजरात जोड़ो’ अभियान की शुरुआत
अरविंद केजरीवाल का यह दौरा ‘गुजरात जोड़ो’ सदस्यता अभियान के प्रचार और विस्तार के लिए भी अहम है। पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह अभियान 2 जुलाई को अहमदाबाद से शुरू किया गया है और आने वाले दिनों में इसे पूरे राज्य में फैलाया जाएगा। इस अभियान के तहत पार्टी अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने और जमीनी स्तर पर संगठन को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है।
गुजरात रवाना होने से पहले केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “विसावदर में जीत के बाद आज गुजरात जा रहा हूं, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलूंगा।” इस दौरे के माध्यम से केजरीवाल न केवल कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा रहे हैं, बल्कि पार्टी की रणनीति को भी धार दे रहे हैं।
बीजेपी और कांग्रेस पर केजरीवाल का निशाना
अरविंद केजरीवाल ने हाल के उपचुनावों में पार्टी के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि गुजरात और पंजाब दोनों राज्यों में आम आदमी पार्टी ने अपनी-अपनी सीटें बचाकर दिखा दिया है कि जनता का भरोसा अब ‘आप’ पर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी एक बड़ा तूफान लेकर आएगी। गुजरात में भी अब लोग बीजेपी और कांग्रेस दोनों को नकारने का मन बना चुके हैं।”
उन्होंने इस जीत को दिल्ली विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिली हार के बाद राष्ट्रीय राजनीति में ‘आप’ की सशक्त वापसी का संकेत बताया।
विसावदर उपचुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत और अरविंद केजरीवाल का गुजरात दौरा, दोनों ही संकेत दे रहे हैं कि पार्टी अब राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। जहां एक ओर यह जीत कार्यकर्ताओं के लिए नई ऊर्जा लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर ‘गुजरात जोड़ो’ अभियान के जरिए पार्टी प्रदेश की राजनीति में एक नए विकल्प के रूप में खुद को स्थापित करना चाहती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में आम आदमी पार्टी गुजरात की राजनीति में किस हद तक असर डाल पाती है।
