बागेश्वर धाम में बाबा धीरेंद्र शास्त्री का जन्मोत्सव सादगी से मनाया गया, हादसे में एक श्रद्धालु की मौत
4 जुलाई को बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्मदिवस है। हर साल की तरह इस बार भी इस विशेष अवसर को धाम में भव्य रूप से मनाने की तैयारियां की गई थीं। लेकिन उत्सव से ठीक पहले 3 जुलाई की रात एक दुखद हादसा हो गया, जिसने पूरे आयोजन को गमगीन बना दिया। इस घटना में एक श्रद्धालु की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए।
इस हादसे के चलते बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने सभी सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रमों को रद्द कर दिया और जन्मोत्सव को पूरी सादगी और आध्यात्मिक विधि से मनाने का निर्णय लिया।
हादसे ने बदल दिया जन्मोत्सव का माहौल
बुधवार की रात धाम परिसर में आयोजित कार्यक्रमों के लिए टेंट लगाए गए थे। भारी भीड़ और मौसम के असर से एक टेंट अचानक गिर गया, जिससे एक श्रद्धालु की जान चली गई और 5 अन्य लोग घायल हो गए। हादसे की जानकारी मिलते ही धाम प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने तुरंत ही दरबार में मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित किया और इस दुखद घटना को देखते हुए सभी मनोरंजन कार्यक्रमों को स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब केवल आध्यात्मिक आयोजन ही होंगे। बाबा ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और सभी श्रद्धालुओं से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की।
धीरेंद्र शास्त्री का संबोधन: सनातन संस्कृति और एकता का संदेश
अपने जन्मदिन के अवसर पर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने धाम में एकत्र श्रद्धालुओं को धन्यवाद दिया और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने भाषण में भारत की सनातन संस्कृति को पुनर्जीवित करने और जातिगत भेदभाव मिटाने की अपील की।
उन्होंने कहा,
“हमारा उद्देश्य भारत को फिर से सनातन मूल्यों की ओर ले जाना है। कुछ लोग देश को पाकिस्तान बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमारा मार्ग भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में पुनः स्थापित करना है। यह काम सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति का है जो धर्म और संस्कृति से प्रेम करता है।”
राजनीति पर भी दी प्रतिक्रिया
बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में एक कथावाचक पर हुई मारपीट की घटना की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं हमारी भारतीय संस्कृति के खिलाफ हैं और समाज को इससे दूर रहना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबा ने कहा,
“जैसी जिसकी भावना होती है, वह वैसा ही सोचता है। हम किसी के विरुद्ध नहीं हैं। हमारा काम समाज में कल्याण और जागरूकता फैलाना है। समाज खुद निर्णय करेगा कि कौन सही है और कौन नहीं।”
शांति और श्रद्धा के बीच संपन्न हुआ जन्मोत्सव
हालांकि हादसे ने जन्मोत्सव के उत्साह को कम कर दिया, फिर भी बाबा के अनुयायियों ने पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम न होने के बावजूद, आध्यात्मिक प्रवचन, भजन, पूजा-पाठ और ध्यान जैसे आयोजन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते रहे।
श्रद्धालुओं ने बाबा के फैसले का समर्थन करते हुए धैर्यपूर्वक सभी आयोजनों में भाग लिया और मृतक श्रद्धालु के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
बागेश्वर धाम में बाबा धीरेंद्र शास्त्री का जन्मदिवस इस बार सादगी और शांति के वातावरण में मनाया गया। हादसे की वजह से कार्यक्रमों की चमक फीकी जरूर पड़ी, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और बाबा की संवेदनशीलता ने यह साबित कर दिया कि धर्म केवल उत्सव नहीं, बल्कि करुणा और ज़िम्मेदारी का भी नाम है।
