May 19, 2026

News Critic

Latest News In Hindi

दिल्ली दौरे को लेकर संजय राउत का हमला: “शिंदे ने गुरु पूर्णिमा पर अमित शाह को किया प्रणाम, मांगा मुख्यमंत्री पद”

महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने शिंदे के हालिया दिल्ली दौरे को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। राउत ने आरोप लगाया कि शिंदे ने ‘गुरु पूर्णिमा’ के बहाने अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें प्रणाम करने दिल्ली पहुंचे थे। यही नहीं, राउत का यह भी दावा है कि शिंदे ने अमित शाह से मुख्यमंत्री बनने की मांग की और फडणवीस की शिकायत की।

गुरु पूर्णिमा पर दिल्ली दौरे का असली मकसद?

संजय राउत ने शिंदे के दिल्ली दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने ‘गुरु पूर्णिमा’ पर अपने “गुरु” अमित शाह के चरणों में सिर झुकाया। राउत के अनुसार, यह दौरा सिर्फ दिखावटी नहीं था, बल्कि इसके पीछे गहरी सियासी मंशा छिपी थी। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति में यह बात साफ है कि अमित शाह ही उस घटना के सूत्रधार थे, जिसने शिवसेना में फूट डाली थी। अब शिंदे उन्हीं से मार्गदर्शन लेने पहुंचे थे।

फडणवीस से नाराज हैं शिंदे?

राउत ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि शिंदे ने दिल्ली में अमित शाह से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस की शिकायत की। उनका आरोप है कि फडणवीस शिंदे को सरकार चलाने में रोड़ा बन रहे हैं और फैसलों में हस्तक्षेप करते हैं। राउत ने कहा कि शिंदे इस स्थिति से परेशान हैं और उन्हें लगने लगा है कि बीजेपी उनके महत्व को धीरे-धीरे खत्म कर रही है।

शिंदे की मुख्यमंत्री बनने की इच्छा?

सबसे बड़ा दावा करते हुए संजय राउत ने कहा कि शिंदे ने शाह से मुख्यमंत्री पद की मांग की है। उन्होंने कथित रूप से कहा, “महाराष्ट्र में मराठी लोगों की एकता दोबारा बन रही है, ठाकरे बंधु (राज और उद्धव) एक हो रहे हैं, इससे हमारी मुश्किलें बढ़ रही हैं। इसका समाधान सिर्फ यही है कि मुझे मुख्यमंत्री बना दीजिए।”

राउत के अनुसार, इस पर शाह ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री का पद तो बीजेपी के पास ही रहेगा। इसके जवाब में शिंदे ने कथित तौर पर कहा कि वे अपने पूरे गुट को बीजेपी में विलय करने को भी तैयार हैं, बशर्ते उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया जाए।

शिंदे के करीबियों पर ईडी की नजर?

संजय राउत ने यह भी दावा किया कि एकनाथ शिंदे के करीबी माने जाने वाले नेताओं पर जांच एजेंसियों की नजर है। उन्होंने कहा कि मंत्री संजय शिरसाट और सांसद श्रीकांत शिंदे को प्रवर्तन निदेशालय (ED) से नोटिस मिलने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि बाद में इन खबरों को खारिज किया गया, लेकिन राउत का दावा है कि जांच एजेंसियों के पास पक्के सबूत हैं और आने वाले समय में कार्रवाई हो सकती है।

उन्होंने कहा कि अब दिल्ली में शिंदे को जो राजनीतिक संरक्षण मिला था, वह धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। जैसे ही यह सुरक्षा कवच कमजोर होगा, एजेंसियां फाइलें खोलना शुरू कर देंगी और शिंदे गुट पर कानूनी कार्रवाई शुरू हो सकती है।

मराठी एकता से बेचैन हैं शिंदे?

राउत ने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र में मराठी अस्मिता की भावना दोबारा जोर पकड़ रही है और ठाकरे बंधुओं के एक होने की संभावनाएं इस भावना को और मजबूत कर रही हैं। राउत ने यह दावा किया कि यह एकता शिंदे और बीजेपी दोनों को असहज कर रही है। इसीलिए दिल्ली में शिंदे और शाह के बीच इस मुद्दे पर विशेष चर्चा हुई।

संजय राउत के इन बयानों ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। हालांकि अभी तक एकनाथ शिंदे या बीजेपी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह साफ है कि शिंदे और ठाकरे खेमे के बीच तनाव फिर से बढ़ने लगा है। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में और भी नए मोड़ देखने को मिल सकते हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *