May 17, 2026

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अमेरिका–ईरान संघर्ष में सीजफायर पर भारत की प्रतिक्रिया, शांति और संवाद पर दिया जोर

सीजफायर का भारत ने किया स्वागत

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव और संघर्ष के बीच सीजफायर (युद्धविराम) के ऐलान के बाद भारत सरकार की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इस कदम का स्वागत किया। मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है और इससे क्षेत्र में स्थिरता आने की उम्मीद है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके सीजफायर की घोषणा की थी। इसके बाद कई देशों ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें भारत भी शामिल है। भारत ने स्पष्ट किया कि वह शुरू से ही इस पूरे मामले में कूटनीति और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में रहा है।

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह जरूरी है कि सभी पक्ष तनाव कम करने की दिशा में काम करें। भारत ने यह भी दोहराया कि किसी भी विवाद का स्थायी समाधान केवल संवाद और आपसी समझ से ही संभव है, न कि युद्ध के जरिए।

युद्ध से वैश्विक स्तर पर पड़ा असर

विदेश मंत्रालय ने इस संघर्ष के दौरान हुए नुकसान पर भी गहरी चिंता जताई है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच एक महीने से अधिक समय तक चले इस संघर्ष ने न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी असर डाला। मंत्रालय के अनुसार, इस युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति (एनर्जी सप्लाई) और वैश्विक व्यापार नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुए।

तेल और गैस की आपूर्ति में बाधा आने से कई देशों में आर्थिक दबाव बढ़ा और आम लोगों को भी इसका असर झेलना पड़ा। भारत ने विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज का जिक्र करते हुए कहा कि यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सीजफायर के बाद इस रास्ते से तेल और अन्य संसाधनों की आपूर्ति फिर से सामान्य हो जाएगी।

भारत ने यह भी कहा कि इस संघर्ष ने यह साबित कर दिया है कि युद्ध का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। इसलिए शांति बनाए रखना सभी के हित में है।

ईरान में भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी

सीजफायर की घोषणा के बावजूद भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरती है। भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को तुरंत वहां से निकलने की सलाह दी है।

तेहरान में इंडियन एम्बेसी ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ देना चाहिए। दूतावास ने यह भी निर्देश दिया है कि नागरिक केवल उन्हीं सुरक्षित रास्तों का इस्तेमाल करें जो दूतावास द्वारा सुझाए गए हैं।

एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना दूतावास से संपर्क किए किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने की कोशिश न करें। इससे उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। दूतावास ने आपातकालीन संपर्क नंबर भी साझा किए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।

कुल मिलाकर, भारत ने इस पूरे घटनाक्रम में संतुलित और जिम्मेदार रुख अपनाते हुए जहां एक ओर शांति प्रयासों का समर्थन किया है, वहीं दूसरी ओर अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

 

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