अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ी बातचीत, तेल प्रतिबंधों में राहत के संकेत से दुनिया को उम्मीद
मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अब अमेरिका और ईरान के रिश्तों में नरमी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत को लेकर ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिन्हें दुनिया के लिए राहत भरी माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर जवाब दे दिया है और इसके बाद दोनों देशों के बीच नए समझौते की संभावनाएं तेज हो गई हैं।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को अस्थायी तौर पर हटाने पर सहमति जताई है। कहा जा रहा है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस फैसले को लेकर सहमत हुए हैं। हालांकि, अभी तक अमेरिका की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पाकिस्तान को सौंपा गया 14 सूत्रीय प्रस्ताव
इससे पहले ईरान ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान को अपना 14 सूत्रीय प्रस्ताव सौंपा था। बताया जा रहा है कि इसी प्रस्ताव के आधार पर एक नया बातचीत ढांचा तैयार किया गया है। इसी ढांचे के तहत अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने का संकेत दिया है।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने इस मामले को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की है। यह एजेंसी ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी आईआरजीसी से जुड़ी मानी जाती है। रिपोर्ट में एक करीबी राजनयिक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि अगर यह फैसला आधिकारिक रूप से लागू होता है, तो यह अमेरिका की अब तक की नीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि अमेरिका वास्तव में तेल प्रतिबंध हटाने पर राजी हुआ है या नहीं।
परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर अब भी मतभेद
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने जानकारी दी है कि अमेरिका ने परमाणु कार्यक्रम और आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर बातचीत में कुछ हद तक लचीलापन दिखाया है। अमेरिका कथित तौर पर ईरान की विदेशों में जमा संपत्तियों का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा चरणबद्ध तरीके से जारी करने को तैयार हुआ है।
वहीं, ईरान अपनी पूरी संपत्ति वापस लेने और सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने की मांग पर कायम है। ईरान का कहना है कि जब तक उस पर लगे सभी प्रतिबंध समाप्त नहीं किए जाते, तब तक किसी स्थायी समझौते पर सहमति संभव नहीं है।
ईरान ने अपने संशोधित प्रस्ताव में स्थायी युद्धविराम लागू करने, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा पूरी तरह खोलने और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों को बाद के चरणों में चर्चा के लिए रखने की मांग की है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक माना जाता है और वहां तनाव कम होने से वैश्विक बाजार को राहत मिल सकती है।
सैन्य तैयारियों के बीच बढ़ी चिंता
हालांकि बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल दोनों ने संघर्ष विराम के बाद भी अपनी सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं। उन्हें आशंका है कि ईरान पर हमले फिर से शुरू हो सकते हैं।
तसनीम न्यूज के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच कई अहम मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका अब भी ऐसी मांगें कर रहा है जो व्यावहारिक नहीं हैं।
ईरान ने साफ किया है कि वह युद्ध समाप्त करने, जब्त की गई अपनी सभी संपत्तियों की वापसी और अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों के लिए मुआवजे की मांग से पीछे नहीं हटेगा। इसके अलावा ईरान ने यह भी कहा है कि वह किसी भी युद्ध समाप्ति समझौते को अपने परमाणु कार्यक्रम से जोड़ने के पक्ष में नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत सफल रहती है, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
