Headlines

आईपीएल 2026 फाइनल के बाद उठा विवाद, सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई के फैसले पर जताई नाराजगी

आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु (आरसीबी) और गुजरात टाइटंस के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में आरसीबी ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ बैंगलुरु ने लीग के इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की।

दूसरी ओर, गुजरात टाइटंस के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण था। टीम 2022 के बाद एक बार फिर आईपीएल खिताब जीतने की उम्मीद लेकर मैदान में उतरी थी, लेकिन फाइनल में वह अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहराने में सफल नहीं हो सकी। मैच के बाद क्रिकेट जगत में सिर्फ हार-जीत की चर्चा नहीं हुई, बल्कि फाइनल की तैयारियों और शेड्यूल को लेकर भी सवाल उठने लगे।

पूर्व भारतीय कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के फैसले पर नाराजगी जाहिर की। उनका मानना था कि फाइनल मुकाबले के लिए रिजर्व डे रखा जाना चाहिए था ताकि दोनों टीमों को समान अवसर मिल सके।

खराब मौसम के कारण प्रभावित हुई गुजरात की तैयारी

फाइनल से पहले गुजरात टाइटंस को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। टीम ने क्वालीफायर-2 मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। यह मैच शुक्रवार को खेला गया था और इसके बाद टीम को शनिवार दोपहर चार्टर्ड फ्लाइट से अहमदाबाद पहुंचना था।

हालांकि मौसम ने गुजरात की योजना पर पानी फेर दिया। उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों, विशेष रूप से पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में तेज आंधी और भारी बारिश के कारण हवाई सेवाएं प्रभावित हो गईं। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन भी बाधित रहा, जिससे गुजरात टाइटंस की यात्रा में काफी देरी हुई।

यात्रा में आई इस परेशानी के कारण टीम निर्धारित समय पर अहमदाबाद नहीं पहुंच सकी। देर रात करीब 10:30 बजे टीम अपने गंतव्य पर पहुंची। ऐसे में खिलाड़ियों को फाइनल मुकाबले से पहले तैयारी, अभ्यास और आराम के लिए बहुत कम समय मिला।

रिपोर्टों के अनुसार, गुजरात के खिलाड़ियों को मैच से पहले 18 घंटे से भी कम समय मिला था। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े मुकाबले से पहले पर्याप्त तैयारी का समय न मिलना किसी भी टीम के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।

रिजर्व डे को लेकर बीसीसीआई पर उठे सवाल

फाइनल के बाद सबसे ज्यादा चर्चा बीसीसीआई की योजना को लेकर हुई। कई क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों का मानना था कि यदि फाइनल के लिए रिजर्व डे रखा जाता तो टीमों को बेहतर तैयारी का मौका मिल सकता था। सुनील गावस्कर ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि टूर्नामेंट के सबसे महत्वपूर्ण मुकाबले के लिए वैकल्पिक दिन की व्यवस्था होनी चाहिए थी।

गावस्कर के अलावा गुजरात टाइटंस के समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि लगातार यात्रा और कम तैयारी का समय टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुआ।

इस पूरे घटनाक्रम ने क्रिकेट प्रशंसकों को आईपीएल 2023 के फाइनल की याद भी दिला दी। उस वर्ष गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच होने वाला फाइनल बारिश से प्रभावित हो गया था। मौसम खराब होने के कारण मुकाबला रिजर्व डे पर खेला गया था। बाद में चेन्नई ने रोमांचक अंदाज में जीत हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम की थी।

हालांकि आईपीएल 2026 का फाइनल निर्धारित दिन पर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया, लेकिन गुजरात टाइटंस की यात्रा और तैयारी से जुड़ी परिस्थितियों ने टूर्नामेंट के आयोजन और शेड्यूलिंग को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। आने वाले वर्षों में बीसीसीआई इस तरह के मुद्दों पर क्या फैसला लेता है, इस पर क्रिकेट जगत की नजर बनी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *