मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और ईदगाह मामले में मुस्लिम पक्ष ने योगेश्वर ट्रस्ट के दावे का विरोध किया
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में श्रीकृष्ण जन्मभूमि सेवा संघ ट्रस्ट के द्वारा दायर किये गए दावे को मुस्लिम पक्ष ने गलत ठहराया है। ईदगाह पक्ष ने दावे को लिमिटेशन एक्ट, उपासना स्थल अधिनियम और केस की तय कीमत को कम बताते हुए केस को सुनबाई योग्य नहीं बताया है। इसके जवाब में योगेश्वर ट्रस्ट के वकील ने जवाब दिया कि मुस्लिम पक्ष के वकील के द्वारा रखे गए तीनों कारण बेवुनियाद हैं। केस पूरी तरह से सुनबाई योग्य है और इस पर बहस होनी चाहिये।
योगेश्वर ट्रस्ट के वकील अजय प्रताप सिंह, अंनजय कुमार सिंह और कौशल किशोर ठाकुर जी महाराज व अन्य ने 12 अप्रैल को शाही ईदगाह मज्जिद को राजा वीर सिंह बुंदेला के मंदिर का मूल भवन बता कर दावा दर्ज कराया था। जिसमे बताया गया था कि जिस स्थान पर शाही ईदगाह मज्जिद मौजूद है वह भवन मंदिर का मूल भवन है।
सिर्फ ईदगाह की जमीन पर ही दावा पेश किया
मुस्लिम पक्ष के वकील का कहना है कि योगेश्वर ट्रस्ट के वकील ने सिर्फ ईदगाह की जमीन पर ही दवा पेश किया है बाकि 13.37 पर नहीं। पिछली सुनवाई 12 अप्रैल को सिविल जज सीनियर डिवीज़न-दो अदालत में हुयी थी। जिसके बाद ईदगाह के वकील तनवीर अहमद द्वारा दावे का लिखित विरोध दर्ज कराया गया था। उन्होंने इस विरोध में लिखा था कि यह दावा लिमिटेशन एक्ट, उपासना स्थल अधिनियम से बाधित है। इसकी कीमत भी कम है। कल शुक्रवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में इसकी सुनबाई हुयी जहाँ प्रतिवादीगण के वकील ने पक्षकारगण के वकील को विरोध की प्रति दी गयी। पक्षकार पक्ष के वकील अजय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रतिवादीगण के वकील के द्वारा जो विरोध किया गया है गलत है। इसका जवाब उन्हें अदालत में देंगें। अब इस केस की सुनबाई 10 जुलाई को होगी।
