ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: जेल में बंद गिरिबाला सिंह से मिली महिला आयोग की टीम, CBI को मिली दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
भोपाल, 11 जून 2026। मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। एक ओर राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने भोपाल सेंट्रल जेल में बंद पूर्व जिला जज और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह से मुलाकात की, वहीं दूसरी ओर मामले की जांच कर रही CBI को दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी प्राप्त हो गई है। अब एजेंसी मेडिकल, डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों को जोड़कर मौत की असली वजह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा मृत अवस्था में मिली थीं। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया गया था, लेकिन परिवार ने दहेज उत्पीड़न और हत्या की आशंका जताई। इसके बाद मामला सुर्खियों में आया और जांच CBI को सौंप दी गई।
ट्विशा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उन्होंने एमबीए की पढ़ाई की थी और मॉडलिंग व अभिनय की दुनिया में सक्रिय थीं। दिसंबर 2025 में उनकी शादी भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी।
महिला आयोग की टीम ने की जेल में मुलाकात
मध्य प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव के नेतृत्व में एक टीम भोपाल सेंट्रल जेल पहुंची। निरीक्षण के दौरान टीम ने महिला कैदियों की सुविधाओं का जायजा लिया और जेल के मेडिकल विंग में गिरिबाला सिंह से मुलाकात की।
आयोग के अनुसार, गिरिबाला सिंह ने बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें जेल में किसी प्रकार की परेशानी नहीं है और सभी सुविधाएं सामान्य रूप से उपलब्ध हैं। आयोग ने महिला वार्ड, अस्पताल, पुस्तकालय, रसोईघर और अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।
महिला आयोग की यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि गिरिबाला सिंह पर प्रभाव का दुरुपयोग करने के आरोप भी लगाए गए थे।
CBI को मिली दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
मामले में सबसे अहम घटनाक्रम दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का सामने आना है। दिल्ली AIIMS के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट अब CBI के पास पहुंच चुकी है।
सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में शरीर पर मौजूद चोटों, फांसी के निशानों, गर्भावस्था और कथित गर्भपात से जुड़े तथ्यों सहित मौत के कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। CBI इन निष्कर्षों का मिलान मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, चैट, फोटो और अन्य डिजिटल सबूतों से कर रही है।
पहली जांच पर उठे सवाल
ट्विशा के परिवार ने शुरुआत से ही पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि घटनास्थल से जुड़े कुछ अहम सबूतों का सही तरीके से संरक्षण नहीं किया गया। परिवार के वकीलों ने दावा किया कि मौके पर मौजूद सभी सामग्री को जब्त नहीं किया गया और कुछ प्रक्रियाओं में लापरवाही बरती गई।
CBI अब इन आरोपों की भी स्वतंत्र जांच कर रही है।
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर क्या आरोप हैं?
CBI ने मई के अंत में गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था। उनके बेटे और ट्विशा के पति समर्थ सिंह भी जांच एजेंसी की हिरासत में हैं। दोनों के खिलाफ दहेज मृत्यु, क्रूरता और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच एजेंसी घटनास्थल का री-क्रिएशन भी कर चुकी है और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
देशभर में चर्चा का विषय बना मामला
ट्विशा शर्मा केस ने एक बार फिर दहेज प्रथा, महिलाओं की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच जैसे मुद्दों पर बहस छेड़ दी है। हाई-प्रोफाइल परिवार, पूर्व जज की गिरफ्तारी और CBI जांच के कारण यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब सभी की नजर CBI की अंतिम रिपोर्ट और आगामी कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं।
मामले की जांच वर्तमान में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है।
गिरिबाला सिंह ट्विशा शर्मा की सास और सेवानिवृत्त जिला जज हैं, जिन्हें मामले में गिरफ्तार किया गया है।
दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मौत के कारण, चोटों और अन्य मेडिकल तथ्यों पर स्पष्ट जानकारी दे सकती है, जो जांच में अहम भूमिका निभाएगी।
महिला आयोग की टीम ने जेल का निरीक्षण किया और बताया कि गिरिबाला सिंह ने किसी विशेष परेशानी की शिकायत नहीं की तथा उन्हें कोई वीआईपी सुविधा दिए जाने के संकेत नहीं मिले।

