तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास में बड़ी चोरी, ₹20 लाख कैश और कीमती सामान गायब
पटना में बिहार की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी घटना सामने आई है। जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपने सरकारी आवास से लाखों रुपये की चोरी होने का आरोप लगाया है। मामले में उनके निजी सहायक (PA) मोतीलाल राय को मुख्य आरोपी बताया गया है। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है।
क्या है पूरा मामला
तेज प्रताप यादव के अनुसार, 22 जून 2026 की रात उनके पटना स्थित सरकारी आवास 42 हार्डिंग रोड से करीब ₹20 लाख नकद, सोने के आभूषण और कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण गायब पाए गए।
चोरी हुए सामान में शामिल हैं:
- ₹20 लाख नकद (बताया जा रहा है कि यह पार्टी फंड था)
- 2 तोले की सोने की चेन
- सोने की अंगूठी
- iPad
- MacBook
- Lenovo लैपटॉप
- 2 हार्ड डिस्क
- 2 Sony पेन ड्राइव
- 4 iPhone
तेज प्रताप यादव का दावा है कि यह चोरी सुनियोजित तरीके से की गई है।
PA मोतीलाल राय पर क्यों लगा आरोप
शिकायत में तेज प्रताप यादव ने सीधे तौर पर अपने निजी सहायक मोतीलाल राय को आरोपी बताया है।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा
तेज प्रताप के ड्राइवर अनिल यादव और आवास में रहने वाले विशाल ने कथित तौर पर रात लगभग 11:30 बजे मोतीलाल राय को एक बैग लेकर दीवार फांदकर भागते हुए देखा।
इसी आधार पर तेज प्रताप यादव ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
शिकायत मिलने के बाद सचिवालय थाना पुलिस तुरंत सरकारी आवास पहुंची।
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई
- घटनास्थल का निरीक्षण
- कमरों और अलमारी की जांच
- फोटोग्राफिक साक्ष्य एकत्र करना
- गवाहों के बयान दर्ज करना
- तकनीकी जांच शुरू करना
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।
आरोपी फिलहाल फरार
रिपोर्ट्स के अनुसार मोतीलाल राय फिलहाल फरार है। वहीं उसकी पत्नी का कहना है कि वह कई घंटों से लापता है और उन्हें चोरी के आरोपों की जानकारी नहीं है।
सरकारी आवास की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना केवल चोरी तक सीमित नहीं है बल्कि सरकारी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
पहले भी हो चुकी हैं चोरी की घटनाएं
जानकारी के अनुसार:
- वर्ष 2022 में भी तेज प्रताप यादव के आवास पर चोरी की घटना हुई थी।
- 2025 और 2026 के दौरान भी कुछ छोटी घटनाओं की चर्चा सामने आई थी।
लगातार हो रही घटनाओं ने सुरक्षा प्रबंधन की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
मामला सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।
कई नेताओं ने सरकारी आवासों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, जबकि समर्थक जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी फंड से जुड़ी नकदी चोरी होने की पुष्टि होती है तो मामला और संवेदनशील हो सकता है।
जांच किन बिंदुओं पर केंद्रित है?
पुलिस फिलहाल निम्न पहलुओं की जांच कर रही है:
1. आरोपी की गतिविधियां
मोतीलाल राय के हालिया मूवमेंट और संपर्कों की जांच।
2. डिजिटल सबूत
मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ट्रैकिंग।
3. गवाहों के बयान
अनिल यादव और विशाल के विस्तृत बयान।
4. चोरी गए सामान की बरामदगी
संभावित ठिकानों और बाजारों में छापेमारी।
5. वित्तीय लेन-देन
बैंक खातों और संदिग्ध ट्रांजेक्शनों की जांच।
निष्कर्ष
तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास में हुई यह कथित चोरी बिहार की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। मामला केवल कीमती सामान की चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि भरोसे, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई सवाल भी खड़े कर रहा है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
₹20 लाख नकद, सोने की चेन, अंगूठी, iPad, MacBook, Lenovo लैपटॉप, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और चार iPhone चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई है।
तेज प्रताप यादव ने अपने निजी सहायक (PA) मोतीलाल राय पर चोरी का आरोप लगाया है।
यह घटना 22 जून 2026 की रात की बताई जा रही है।
पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
जी हां, वर्ष 2022 में भी उनके आवास पर चोरी का मामला सामने आया था।

