1 जुलाई से नया ग्रामीण रोजगार कानून लागू: पात्र परिवारों को 125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी, जानें क्या बदला
1 जुलाई 2026 से ग्रामीण भारत में बड़ा बदलाव
नई दिल्ली। 1 जुलाई 2026 से देश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 (VB-G RAM G Act)’ को लागू कर दिया है। इस कानून के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी।
सरकार का दावा है कि यह नया कानून ग्रामीण रोजगार, पारदर्शिता और आजीविका सुरक्षा को मजबूत करेगा। इसके साथ ही लंबे समय से लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) की जगह नई व्यवस्था लागू की गई है।
क्या है VB-G RAM G Act?
VB-G RAM G Act (Viksit Bharat – Gramin Rozgar Aur Aajeevika Mission) केंद्र सरकार का नया ग्रामीण रोजगार कानून है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक रोजगार उपलब्ध कराना, भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल बनाना और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
सरकार का कहना है कि यह कानून विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
नए कानून की प्रमुख विशेषताएं
1. अब 125 दिन रोजगार की गारंटी
पहले जहां पात्र परिवारों को 100 दिन का रोजगार मिलता था, वहीं अब यह अवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
2. 15 दिन में काम नहीं तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता
यदि आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो पात्र व्यक्ति को कानून के अनुसार बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।
3. मजदूरी में देरी पर मुआवजा
यदि मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं होता है, तो संबंधित लाभार्थी को मुआवजा देने का प्रावधान जारी रहेगा।
4. पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
नई योजना में डिजिटल हाजिरी, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए भुगतान पर विशेष जोर दिया गया है।
5. कृषि सीजन में नए कार्यों पर रोक
बुआई और कटाई के मौसम में अधिकतम 60 दिनों तक नए कार्य शुरू नहीं किए जाएंगे ताकि किसानों को कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त मजदूर मिल सकें।
6. अन्य योजनाओं से बेहतर समन्वय
जल संरक्षण, ग्रामीण सड़क, स्वच्छता, वृक्षारोपण और अन्य विकास योजनाओं को इस मिशन से जोड़ा जाएगा।
सरकार ने कितना बजट रखा?
सरकार ने इस योजना के लिए ₹95,692 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों को योजना तैयार करने और कार्यों की निगरानी में अधिक अधिकार दिए गए हैं।
MNREGA और VB-G RAM G Act में क्या अंतर है?
| विषय | MNREGA | VB-G RAM G Act |
|---|---|---|
| रोजगार | 100 दिन | 125 दिन |
| योजना का नाम | MNREGA | VB-G RAM G Act |
| भुगतान | DBT | अधिक डिजिटल व्यवस्था |
| पारदर्शिता | सीमित | डिजिटल मॉनिटरिंग |
| ग्राम पंचायत | सामान्य भूमिका | अधिक जिम्मेदारी |
| अन्य योजनाओं से समन्वय | सीमित | व्यापक कन्वर्जेंस |
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को क्या होगा फायदा?
विशेषज्ञों के अनुसार यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो इसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।
- ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ सकती है।
- पलायन में कमी आ सकती है।
- महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकते हैं।
- जल संरक्षण और ग्रामीण विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
- स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
योजना को लेकर क्या हैं चुनौतियां?
हालांकि सरकार इसे बड़ा सुधार बता रही है, लेकिन कई विशेषज्ञ और विपक्ष कुछ सवाल भी उठा रहे हैं।
मुख्य चिंताएं—
- क्या सभी पात्र परिवारों को वास्तव में 125 दिन रोजगार मिलेगा?
- क्या वर्तमान बजट पर्याप्त होगा?
- कृषि मौसम में 60 दिन कार्य बंद रहने का क्या असर पड़ेगा?
- राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ सकता है।
- जमीनी स्तर पर पारदर्शिता और निगरानी कितनी प्रभावी होगी?
किन राज्यों ने शुरू की तैयारी?
कई राज्यों ने पहले ही नई व्यवस्था के अनुरूप तैयारी शुरू कर दी है।
इनमें प्रमुख हैं—
- बिहार
- छत्तीसगढ़
- राजस्थान
- जम्मू-कश्मीर
इन राज्यों में जॉब कार्ड अपडेट, डिजिटल प्रशिक्षण और ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।
विशेषज्ञों की राय
ग्रामीण विकास विशेषज्ञों का मानना है कि रोजगार अवधि बढ़ाना सकारात्मक कदम है, लेकिन इसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि मजदूरी समय पर मिले, कार्य की गुणवत्ता बेहतर हो और ग्रामीणों को स्थायी आजीविका से जोड़ा जाए।
आगे क्या होगा?
आने वाले महीनों में इस योजना के क्रियान्वयन पर सभी की नजर रहेगी। यदि यह कानून प्रभावी तरीके से लागू होता है तो ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
VB-G RAM G Act ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव लेकर आया है। 125 दिनों की रोजगार गारंटी, डिजिटल पारदर्शिता और ग्राम पंचायतों की बढ़ी भूमिका इसे पहले की व्यवस्था से अलग बनाती है। हालांकि इसकी वास्तविक सफलता प्रभावी क्रियान्वयन, पर्याप्त बजट, समय पर भुगतान और राज्यों के सहयोग पर निर्भर करेगी। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि नया कानून ग्रामीण भारत की आजीविका और अर्थव्यवस्था को कितना मजबूत बना पाता है।

