दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण बस हादसा: दौसा में हरिद्वार-इंदौर स्लीपर बस में लगी आग, 8 की मौत
दौसा।
राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार (1 जुलाई 2026) तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हरिद्वार से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस ट्रेलर से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गई। हादसा इतना भीषण था कि बस कुछ ही मिनटों में आग का गोला बन गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 7 से 8 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 22 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई यात्रियों के जिंदा जलने की भी खबर है।
बस में करीब 37 यात्री सवार थे। घायलों को दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
कैसे हुआ दौसा बस हादसा?
यह हादसा कोलवा थाना क्षेत्र के धनावड़ा गांव के पास रात करीब 2:30 से 3:30 बजे के बीच हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार स्लीपर बस ने सामने चल रहे ट्रेलर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कुछ ही क्षणों में बस में आग लग गई।
आग तेजी से फैलने के कारण यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। कई यात्री ऊपरी बर्थ पर सो रहे थे और अचानक हुए हादसे के कारण बाहर नहीं निकल पाए।
आग इतनी तेजी से क्यों फैली?
स्थानीय लोगों के अनुसार, बस के लगेज कंपार्टमेंट में रखे कुछ ज्वलनशील सामान और सिगरेट के पैकेट आग की लपटों में आ गए, जिससे आग और तेजी से फैल गई।
हालांकि, पुलिस और फॉरेंसिक टीम अभी इस दावे की जांच कर रही है। आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं।
जिला प्रशासन के अनुसार—
- 24 से 25 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
- घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
- बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
- कई यात्रियों को निकालने में स्थानीय ग्रामीणों ने भी मदद की।
दौसा के पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन ने मौके पर राहत कार्य की निगरानी की।
मृतकों और घायलों की स्थिति
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार—
- 5 यात्रियों की मौत आग में झुलसने से हुई।
- 2 यात्रियों की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई।
- एक घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे की शुरुआती वजह क्या मानी जा रही है?
पुलिस की प्रारंभिक जांच में कुछ संभावित कारण सामने आए हैं—
ड्राइवर की थकान
लंबी दूरी की यात्रा होने के कारण आशंका जताई जा रही है कि चालक को झपकी आ गई होगी।
तेज रफ्तार
प्राथमिक जांच में बस की गति अधिक होने की बात भी सामने आई है।
अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी
सरकार ने मुआवजे का किया ऐलान
राजस्थान सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इसके अलावा—
- घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता मिलेगी।
- इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पिछले कुछ वर्षों में कई गंभीर सड़क हादसे सामने आ चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए—
- रात में ड्राइवरों के अनिवार्य विश्राम की व्यवस्था
- स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम
- बसों में आधुनिक फायर सेफ्टी उपकरण
- बेहतर इमरजेंसी एग्जिट
- एक्सप्रेसवे पर अधिक एम्बुलेंस और फायर स्टेशन
जैसे कदम जरूरी हैं।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने बस और ट्रेलर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से सबूत जुटा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वाहन की तकनीकी जांच और चालक के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा देश को एक बार फिर सड़क सुरक्षा की गंभीर चुनौतियों की याद दिलाता है। हादसे में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य के साथ पीड़ित परिवारों की सहायता में जुटा है।

