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छत्तीसगढ़ रायपुर ड्रग्स रैकेट: नव्या मलिक, टेक्नो पार्टियां और ED जांच से खुल रहे बड़े राज

छत्तीसगढ़ में ड्रग्स का नेटवर्क - ललित महल और हयात समेत 8 पब-होटल में टेक्नो पार्टी और विदेशी ड्रग्स का खुलासा | News Critic
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रायपुर में हाई-प्रोफाइल ड्रग्स नेटवर्क का बड़ा खुलासा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सामने आए रायपुर ड्रग्स रैकेट ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। पुलिस जांच में दावा किया गया है कि एक संगठित नेटवर्क के जरिए हाई-प्रोफाइल पार्टियों और लग्जरी पब-होटलों में ड्रग्स की सप्लाई की जा रही थी। मामले में इंटीरियर डिजाइनर से कथित तौर पर ड्रग्स कारोबार से जुड़ी नव्या मलिक मुख्य आरोपी के रूप में सामने आई हैं।

अब इस पूरे मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी एंट्री कर ली है और कथित मनी लॉन्ड्रिंग व पैसों के लेन-देन की जांच शुरू कर दी है। इससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है।

क्या है पूरा रायपुर ड्रग्स रैकेट?

पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, दिल्ली से विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थ रायपुर लाकर शहर के हाई-प्रोफाइल सर्कल में सप्लाई किए जाते थे। जांच में दावा किया गया है कि MDMA, हेरोइन समेत अन्य ड्रग्स की डिलीवरी निजी पार्टियों और आयोजनों के जरिए की जाती थी।

अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।

कौन हैं नव्या मलिक?

रायपुर के कटोरा तालाब क्षेत्र की रहने वाली नव्या मलिक पेशे से इंटीरियर डिजाइनर थीं। पुलिस का दावा है कि आसान कमाई और ड्रग्स की लत के कारण वह इस कथित नेटवर्क का हिस्सा बनीं।

अगस्त 2025 में ड्रग्स के साथ पकड़े गए कुछ आरोपियों से पूछताछ के दौरान उनका नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मुंबई से गिरफ्तार किया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, नव्या हाई-प्रोफाइल पार्टियों में कथित रूप से ड्रग्स सप्लाई करती थीं और उनके मोबाइल फोन से बड़ी संख्या में संपर्कों की जानकारी मिली है।

दिल्ली से जुड़ा सप्लाई नेटवर्क

पुलिस जांच के मुताबिक, ड्रग्स की सप्लाई दिल्ली स्थित एक कथित सप्लायर के जरिए होती थी। कुरियर चैन के माध्यम से कई बार रायपुर तक ड्रग्स पहुंचाई गई।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि सप्लाई नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह तो नहीं है।

टेक्नो पार्टियों में ड्रग्स सप्लाई का आरोप

चार्जशीट के अनुसार, शहर के कई पब, होटल और रिसॉर्ट में आयोजित होने वाली टेक्नो पार्टियों के दौरान कथित रूप से ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि टेक्नो या EDM पार्टी आयोजित करना अपने आप में गैरकानूनी नहीं है। जांच एजेंसियों का आरोप केवल उन आयोजनों से जुड़ा है जहां कथित रूप से ड्रग्स का इस्तेमाल या सप्लाई हुई।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन आयोजनों में शामिल कुछ इवेंट आयोजकों और अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

कारोबारी और इवेंट आयोजकों की भूमिका जांच के घेरे में

जांच में कुछ कारोबारी, इवेंट आयोजक और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम दोष सिद्ध होना अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

पुलिस फिलहाल कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

ED की एंट्री से जांच हुई और तेज

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जांच शुरू कर दी है।

ED कथित तौर पर इन बिंदुओं की जांच कर रही है—

  • ड्रग्स कारोबार से जुड़े पैसों का स्रोत
  • बैंक ट्रांजेक्शन
  • प्रॉपर्टी में निवेश
  • कथित मनी लॉन्ड्रिंग
  • अन्य वित्तीय लेन-देन

यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो आने वाले समय में और कार्रवाई हो सकती है।

जांच में आगे क्या होगा?

फिलहाल पुलिस और ED कई पहलुओं पर संयुक्त रूप से काम कर रही हैं।

मुख्य जांच बिंदु:

  • मोबाइल और डिजिटल डेटा की जांच
  • व्हाट्सएप चैट्स
  • कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR)
  • बैंक खातों की जांच
  • गवाहों के बयान
  • कथित वित्तीय लेन-देन

जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं।

समाज के लिए क्यों अहम है यह मामला?

रायपुर ड्रग्स रैकेट ने युवाओं में बढ़ते नशे और हाई-प्रोफाइल पार्टियों में ड्रग्स नेटवर्क की संभावित मौजूदगी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल गिरफ्तारियों से समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए जागरूकता, परिवार की भूमिका, शिक्षा और कानून का सख्ती से पालन भी जरूरी है।

निष्कर्ष

रायपुर ड्रग्स रैकेट की जांच अभी जारी है और कई अहम तथ्य सामने आना बाकी हैं। पुलिस और ED दोनों इस मामले के वित्तीय तथा आपराधिक पहलुओं की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी।

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