MP Weather Alert: मध्य प्रदेश के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, धार समेत कई जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने रविवार को प्रदेश के धार, मंडला, बैतूल, रतलाम, शाजापुर और बालाघाट जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश, तेज गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
IMD का ऑरेंज अलर्ट किन जिलों के लिए जारी?
मौसम विभाग ने जिन छह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, वे हैं—
- धार
- मंडला
- बैतूल
- रतलाम
- शाजापुर
- बालाघाट
इन जिलों में 100 से 200 मिमी तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बड़वानी, डिंडौरी और पांढुर्णा सहित कई अन्य जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित
पिछले कुछ दिनों से हो रही तेज बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित किया है। कई शहरों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जबकि नदी-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
हाल के दिनों में सामने आए प्रमुख घटनाक्रम—
- उज्जैन में शिप्रा नदी के कई घाट पानी में डूब गए।
- जबलपुर में तेज बहाव में एक वाहन बहने से हादसा हुआ।
- धार जिले के जामला गांव में नदी के बीच लोगों के फंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
- इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, बैतूल और मंडला सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
किन जिलों में सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है?
धार और रतलाम
मालवा क्षेत्र के इन जिलों में अत्यधिक बारिश से नर्मदा और सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। खेतों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है।
बैतूल
सतपुड़ा क्षेत्र में स्थित बैतूल में नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की संभावना है।
मंडला और बालाघाट
पूर्वी मध्य प्रदेश के इन जिलों में लगातार बारिश से वैनगंगा और नर्मदा बेसिन प्रभावित हो सकते हैं। वन क्षेत्रों में भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
शाजापुर
यहां जलभराव, बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
किसानों पर क्या पड़ेगा असर?
बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई को लाभ मिला है। सोयाबीन, धान, मक्का और दालों की फसल तेजी से बोई जा रही है।
हालांकि अत्यधिक बारिश होने पर—
- खेतों में पानी भर सकता है।
- नई फसल को नुकसान हो सकता है।
- मिट्टी का कटाव बढ़ सकता है।
- पौधों के बहने की आशंका रहती है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार 100 मिमी से अधिक बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की जरूरी सलाह
घर से निकलने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
- मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करें।
- तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहें।
- पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- नदी-नालों को पार करने की कोशिश न करें।
- वाहन धीमी गति से चलाएं।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखें।
- पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है। जरूरत पड़ने पर निचले क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की गई है।
अगले 3 से 4 दिनों तक जारी रह सकती है बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने और मानसून ट्रफ सक्रिय रहने के कारण मध्य प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश में मानसून फिलहाल पूरी तरह सक्रिय है। जहां एक ओर बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में बाढ़, जलभराव और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। धार, मंडला, बैतूल, रतलाम, शाजापुर और बालाघाट के लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए और अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए।

