बीजेपी नेताओं की अंदरूनी कलह से अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव में पार्टी को हो सकता है नुकसान
उत्तर प्रदेश में जल्द ही कुछ सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं। जिनमे से अयोध्या की मिल्कीपुर सीट भी एक है। इस सीट पर उपचुनाव में जीत दिलाने की जिम्मेदारी खुद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों में ली है। लेकिन पार्टी के अंदर ही नेताओं के बीच की कलह खुलकर सामने आ गई है, जिससे चुनाव में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बुधवार को पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने सार्वजनिक तौर पर एक कार्यक्रम में बीजेपी के ही नेता को अपराधी बताते हुए पार्टी के कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। ऐसे में पार्टी के अंदर अगर खुलकर गुटबाजी देखने को मिली, तो इससे पार्टी की कोशिशों को झटका लग सकता है।
नेताओं की अंदरूनी कलह बढ़ा सकती है मुश्किलें
दरअसल गुरुवार 5 सितम्बर को अयोध्या में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण का एक कार्यक्रम था। जिसमे पूर्व संसद लल्लू सिंह भी पहुंचे थे, लेकिन वह यह कह कर कार्यक्रम से चले गए कि वे माफियाओं के साथ मंच शेयर नहीं करेंगे। उनका इशारा बीजेपी के अन्य नेता शिवेंद्र सिंह की ओर माना जा रहा है। सियासी जानकारों का मानना है कि अगर पार्टी नेतृत्व ने इस कलह को शांत नहीं किया तो मिल्कीपुर उपचुनाव जीतना मुश्किल हो जाएगा। पार्टी में नेताओं की कलह ऐसे समय पर सामने आ रही है जब पूरा संगठन चुनाव की तैयारी में लगा हुआ है। बीजेपी इस सीट पर जीत हासिल कर लोकसभा चुनाव में सपा के हाथों फैजाबाद सीट पर मिली हार का बदला लेना चाहती है। ताकि इसका प्रदेशभर में एक बड़ा सियासी संदेश भी जा सके। लेकिन ऐसे समय पर नेताओं की अंदरूनी कलह पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है। इस समय पार्टी में वही हालत बन रहे हैं जो लोकसभा चुनाव के समय पर थे।
बीजेपी पूर्व सांसद लल्लू सिंह की नाराजगी को व्यक्तिगत बता रही है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक पूर्व सांसद बीजेपी से नहीं बल्कि बीजेपी के एक नेता से नाराज है। इसलिए उन्होंने उस कार्यक्रम का भी बहिष्कार कर दिया था। लल्लू सिंह फ़िलहाल अपने स्टैंड से पीछे हटते दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि वो इस तरह के मामले आगे भी उठाते रहेंगे।
