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वायनाड लैंडस्लाइड: सुरंग परियोजना स्थल पर भूस्खलन में 7 की मौत, एक व्यक्ति अब भी लापता

केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 होने और बचाव कार्य की स्थिति को दर्शाता न्यूज़ क्रिटिक (News Critic) का न्यूज़ ग्राफ़िक।
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वायनाड लैंडस्लाइड: क्या हुआ?

केरल के वायनाड जिले में 7 जुलाई 2026 को हुई भीषण लैंडस्लाइड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। हादसा अनक्कमपोयिल-कल्लाडी-मेप्पाडी सुरंग सड़क परियोजना के कल्लाडी निर्माण स्थल पर भारी बारिश के दौरान हुआ। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबे में फंसे अंतिम लापता व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं।

यह दुर्घटना एक बार फिर पश्चिमी घाट के संवेदनशील इलाकों में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और मानसूनी जोखिमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

कैसे हुआ वायनाड में यह बड़ा हादसा?

7 जुलाई की सुबह लगातार हो रही भारी बारिश के बीच पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मिट्टी, चट्टानें और निर्माण मलबा अचानक नीचे आ गिरा। भूस्खलन सुरंग परियोजना के एग्जिट पोर्टल के पास हुआ, जहां कई मजदूर काम कर रहे थे।

सीसीटीवी फुटेज में तेज रफ्तार से नीचे आते मलबे का दृश्य कैद हुआ, जिसने कुछ ही क्षणों में पूरे निर्माण क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया।

मौत का आंकड़ा बढ़कर 7, एक व्यक्ति अभी भी लापता

बचाव अभियान के दौरान मीनाक्षी नदी के डाउनस्ट्रीम इलाके से एक और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई।

फिलहाल एक व्यक्ति अभी भी लापता है। उसकी तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है।

बचाव अभियान में जुटीं कई एजेंसियां

राहत एवं बचाव कार्य में कई सरकारी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।

अभियान में शामिल टीमें

  • NDRF
  • SDRF
  • केरल पुलिस
  • फायर एंड रेस्क्यू सर्विस
  • स्थानीय प्रशासन
  • स्वयंसेवी संगठन

टीमें भारी मशीनों, स्निफर डॉग और डाइविंग यूनिट की मदद से मलबे और नदी क्षेत्र में खोज अभियान चला रही हैं।

प्रवासी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित

इस हादसे में प्रभावित अधिकांश मजदूर मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के बताए जा रहे हैं।

कई घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है।

सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के 33 परिवारों के लगभग 93 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत शिविरों में भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने किया घटनास्थल का दौरा

केरल सरकार ने राहत कार्यों की निगरानी तेज कर दी है।

मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों को बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।

IMD का भारी बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने वायनाड और आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है।

प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित स्थानों से दूर रहने की अपील की है।

विशेषज्ञों ने जताई गंभीर चिंता

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी घाट का यह इलाका पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है।

हादसे की संभावित वजहें

  • लगातार भारी मानसूनी बारिश
  • कमजोर पहाड़ी ढलान
  • बड़े निर्माण कार्य
  • जंगलों की कटाई
  • बदलता जलवायु पैटर्न

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विस्तृत पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA), भू-वैज्ञानिक सर्वे और जलवायु अनुकूल निर्माण तकनीकों को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

2024 की त्रासदी की फिर ताजा हुई याद

वायनाड वर्ष 2024 में भी भीषण भूस्खलन का गवाह बना था, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी।

मौजूदा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

आगे की सबसे बड़ी चुनौतियां

  • लापता व्यक्ति की जल्द तलाश
  • प्रभावित परिवारों का पुनर्वास
  • राहत और मुआवजा वितरण
  • भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की निगरानी
  • सुरक्षित और टिकाऊ विकास नीति लागू करना

निष्कर्ष

वायनाड में हुआ यह भूस्खलन केवल एक स्थानीय दुर्घटना नहीं बल्कि जलवायु परिवर्तन, अत्यधिक वर्षा और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं से जुड़े जोखिमों की गंभीर चेतावनी है। राहत एवं बचाव अभियान अभी जारी है और प्रशासन अंतिम लापता व्यक्ति की तलाश में जुटा हुआ है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और जांच रिपोर्ट इस हादसे के कारणों पर और स्पष्ट तस्वीर पेश करेंगी।

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