आज का मौसम 16 जून: मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, 17 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट; IMD ने जारी की चेतावनी
नई दिल्ली: देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच अब राहत की खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। विभाग ने अगले 8 घंटों के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए 17 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग का कहना है कि कई इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने ली करवट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। कई इलाकों में तेज हवाएं चलीं और बादलों की गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। धूल भरी आंधी के कारण कुछ समय के लिए दृश्यता भी प्रभावित हुई।
बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी सुधार दर्ज किया जा सकता है।
तेजी से आगे बढ़ रहा है मानसून
IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक मानसून की प्रगति अब पहले की तुलना में काफी बेहतर है। अगले 4 से 5 दिनों में मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी मानसून को मजबूती प्रदान कर रही है। यही वजह है कि देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
इन राज्यों में जारी हुआ मौसम अलर्ट
उत्तर भारत
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है।
मध्य और पश्चिम भारत
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और महाराष्ट्र के कई इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
दक्षिण भारत
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मानसूनी बारिश का दौर जारी रहेगा। कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश रिकॉर्ड की जा सकती है।
मौसम में बदलाव की वजह क्या है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश में मौसम की इस गतिविधि के पीछे दो प्रमुख कारण हैं।
1. सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण
पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण अरब सागर से बड़ी मात्रा में नमी खींच रहा है, जिससे बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है।
2. पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम को प्रभावित कर रहा है। जब ठंडी और गर्म हवाएं आपस में टकराती हैं तो वातावरण में अस्थिरता पैदा होती है, जिसके परिणामस्वरूप आंधी, तूफान और बारिश की स्थिति बनती है।
IMD की महत्वपूर्ण सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और कुछ जरूरी सुझाव जारी किए हैं:
- तेज हवा के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- गरज-चमक के समय खुले मैदान में जाने से बचें।
- बिजली कड़कने पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद रखें।
- वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और गति नियंत्रित रखें।
- मौसम संबंधी ताजा अपडेट के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
गर्मी से राहत लेकिन सावधानी जरूरी
मानसून की सक्रियता से देश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश की वजह से जोखिम भी बढ़ सकता है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
IMD ने दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, असम, मेघालय सहित 17 से अधिक राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है।
हां, मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
मानसून कई राज्यों में सक्रिय हो चुका है और अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के अधिक क्षेत्रों तक पहुंच सकता है।
अधिकांश इलाकों में हवा की गति 40 से 60 किमी/घंटा रहने का अनुमान है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 90 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें, खुले स्थानों पर न जाएं, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद रखें और यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें।

