CM योगी का बड़ा बयान: ‘माफियाओं का खात्मा ही मेरा पसंदीदा विषय’, सुनाया 120 एकड़ जमीन मुक्त कराने का किस्सा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार सार्वजनिक मंच से अपने सबसे पसंदीदा विषय का खुलासा करते हुए कहा कि “माफियाओं का खात्मा करना ही मेरा सबसे प्रिय विषय है।” मुख्यमंत्री का यह बयान राजधानी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जहां उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और माफियाओं के खिलाफ सरकार की कार्रवाई पर विस्तार से बात की।
सीएम योगी का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश सरकार लगातार भू-माफियाओं, अपराधियों और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और जमकर तालियां बटोरीं।
डी-3 त्रिवेणी कार्यक्रम में साझा किया अनुभव
लखनऊ में आयोजित ‘डी-3 त्रिवेणी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल के दौरान हुई एक महत्वपूर्ण घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लगभग नौ वर्षों में यह पहला अवसर है जब वह मंच से अपने पसंदीदा विषय पर खुलकर बोल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के समय जिन माफियाओं को संरक्षण मिलता था, उन्हें कानून के दायरे में लाना और उनकी अवैध गतिविधियों को समाप्त करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
जब DGP लेकर पहुंचे फाइल
सीएम योगी ने बताया कि कुछ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक (DGP) उनके पास एक फाइल लेकर पहुंचे थे। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद अधिकारी सेवा विस्तार से जुड़ा कोई प्रस्ताव लेकर आए हैं।
लेकिन जब उन्होंने फाइल देखी तो पता चला कि लखनऊ में प्रस्तावित फॉरेंसिक संस्थान के लिए निर्धारित यूपी पुलिस की जमीन पर एक प्रभावशाली माफिया का कब्जा था।
योगी ने बताया कि यह सुनते ही उन्होंने अधिकारियों से कहा, “यह तो हमारा सबसे प्रिय विषय है।”
120 एकड़ जमीन पर था अवैध कब्जा
मुख्यमंत्री के अनुसार, संबंधित जमीन करीब 120 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई थी और लखनऊ एयरपोर्ट के नजदीक स्थित थी। जमीन की कीमत बेहद अधिक थी, लेकिन वर्षों से उस पर अवैध कब्जा बना हुआ था।
सीएम योगी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मामला दर्ज कराया गया और प्रशासन ने अगले ही दिन बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। परिणामस्वरूप पूरी जमीन को कब्जामुक्त करा लिया गया।
कब्जे वाली जमीन पर बना फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट
मुख्यमंत्री ने बताया कि कब्जे से मुक्त कराई गई उसी जमीन पर बाद में आधुनिक फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट और साइबर सिक्योरिटी सेंटर की स्थापना की गई।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल अवैध कब्जा हटाना नहीं था, बल्कि उस जमीन का उपयोग समाज और शिक्षा के हित में करना भी था। आज वहां छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और सुरक्षा से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का अध्ययन कर रहे हैं।
माफिया और मच्छरों की तुलना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कुशीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मच्छर बीमारियां फैलाते हैं, उसी तरह माफिया समाज में अपराध, अराजकता और बेरोजगारी को बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है और सरकार ने अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है।
बच्चों के प्रति भी जताया विशेष लगाव
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने व्यक्तित्व के एक भावनात्मक पक्ष को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराना बेहद पसंद है।
योगी ने बताया कि कई बार रोते हुए बच्चे भी उनकी गोद में आते ही शांत हो जाते हैं और मुस्कुराने लगते हैं। उन्होंने इसे बच्चों की सहज भावना और विश्वास का प्रतीक बताया।
सरकार का संदेश साफ
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में अब सरकारी या गरीबों की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई ऐसा करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
सीएम योगी आदित्यनाथ का “माफियाओं का खात्मा ही मेरा पसंदीदा विषय है” वाला बयान केवल एक टिप्पणी नहीं, बल्कि उनकी सरकार की कार्यशैली और प्राथमिकताओं का संदेश माना जा रहा है। प्रदेश में अपराध और अवैध कब्जों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को देखते हुए यह साफ है कि सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अपनी सख्त नीति जारी रखने के पक्ष में है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफियाओं का खात्मा करना उनका सबसे पसंदीदा विषय है।
उन्होंने लखनऊ में आयोजित डी-3 त्रिवेणी कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया।
लखनऊ में यूपी पुलिस की लगभग 120 एकड़ जमीन पर एक माफिया का कब्जा था, जिसे प्रशासन ने कार्रवाई कर मुक्त कराया।
उस जमीन पर फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट और साइबर सिक्योरिटी सेंटर स्थापित किया गया।
उन्होंने कहा कि उन्हें बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराना अच्छा लगता है और बच्चे उनकी गोद में आकर सहज महसूस करते हैं।

