पश्चिम बंगाल में सुरक्षा बलों की तैनाती पर अरविंद केजरीवाल का सवाल, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रविवार, 26 अप्रैल 2026 को उन्होंने इस मुद्दे पर बीजेपी और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
पश्चिम बंगाल के बालीगंज इलाके में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश से बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को बंगाल में तैनात किया गया है, जिसकी जरूरत समझ से परे है। उन्होंने इसे राज्य के लोगों का अपमान बताया।
केजरीवाल ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती यह संकेत देती है कि मानो राज्य के लोगों पर भरोसा नहीं किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए भी सवाल खड़े करता है।
टीएमसी उम्मीदवार के समर्थन में जनसभा
यह रैली खास इसलिए भी थी क्योंकि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के इस्तीफे के बाद केजरीवाल पहली बार किसी सार्वजनिक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान वे टीएमसी के उम्मीदवार सोवनदेब चट्टोपाध्याय के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे।
सभा में उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग साढ़े तीन लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जो सामान्य चुनाव प्रक्रिया के लिए असामान्य है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में बलों की जरूरत क्यों पड़ी और इससे क्या संदेश दिया जा रहा है।
केजरीवाल ने अपने भाषण में यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण होती है और ऐसे कदम लोगों के विश्वास को कमजोर कर सकते हैं।
केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर आरोप
अपने भाषण के दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी एक साल पहले झूठे मामले में जेल भेजा गया था, लेकिन बाद में अदालत ने उन्हें राहत दी और आरोपों को गलत बताया।
इसके अलावा, उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए। उनका कहना था कि मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़े जा रहे हैं और अलग-अलग राज्यों से लोगों को लाकर मतदान कराने की कोशिश हो रही है।
केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो का जिक्र करते हुए कहा कि इन संस्थाओं का उपयोग विपक्ष पर दबाव बनाने के लिए किया जाता है।
चुनावी माहौल में बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल काफी गरमाता जा रहा है। विभिन्न दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। केजरीवाल के बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है।
जहां एक तरफ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन आरोपों पर संबंधित संस्थाएं क्या प्रतिक्रिया देती हैं और चुनाव प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है।
