INDIA गठबंधन की दिल्ली में अहम बैठक आज: 23 विपक्षी दल होंगे शामिल, DMK और AAP की दूरी पर सबकी नजर
नई दिल्ली, 8 जून 2026। लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारियों और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने के उद्देश्य से INDIA (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आज राजधानी दिल्ली के संविधान क्लब में आयोजित की जा रही है। कांग्रेस के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में 23 विपक्षी दलों के शामिल होने की पुष्टि की गई है।
राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को विपक्ष के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल के चुनावी नतीजों और गठबंधन के भीतर उभर रहे मतभेदों के बीच विपक्ष अपनी रणनीति को नए सिरे से तय करने की कोशिश कर रहा है।
कई बड़े नेता होंगे मौजूद
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल होने वाले हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी दी कि 23 राजनीतिक दलों ने बैठक में भाग लेने की सहमति दी है। उन्होंने कहा कि गठबंधन का उद्देश्य लोकतंत्र, संविधान और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करना है।
DMK ने बनाई दूरी, बढ़ी राजनीतिक चर्चा
बैठक से पहले सबसे ज्यादा चर्चा तमिलनाडु की प्रमुख पार्टी DMK के फैसले को लेकर हो रही है। पार्टी ने इस बैठक में शामिल न होने का निर्णय लिया है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस द्वारा तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनाने के बाद DMK नाराज बताई जा रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों ने दोनों दलों के संबंधों में खटास पैदा की है। हालांकि DMK ने केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी मुद्दों पर अपना समर्थन जारी रखने की बात कही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण भारत में DMK की गैरमौजूदगी INDIA गठबंधन के लिए एक बड़ा संदेश हो सकती है।
AAP भी बैठक से रह सकती है दूर
आम आदमी पार्टी (AAP) के इस बैठक में शामिल होने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है। दिल्ली और पंजाब में कांग्रेस और AAP के बीच बढ़ते राजनीतिक मतभेदों ने दोनों दलों के रिश्तों को प्रभावित किया है।
सूत्रों के अनुसार, सीट बंटवारे, राज्य स्तरीय राजनीति और संगठनात्मक विवादों के कारण AAP ने फिलहाल राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन गतिविधियों से दूरी बनाए रखी है। यदि पार्टी बैठक में शामिल नहीं होती है, तो यह INDIA गठबंधन के लिए एक और बड़ा झटका माना जाएगा।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
बैठक में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें शामिल हैं—
- विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय
- लोकसभा चुनाव 2029 की रणनीति
- संसद के आगामी सत्र के लिए साझा योजना
- महंगाई, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दे
- शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं से संबंधित विवाद
- क्षेत्रीय दलों की भूमिका और सीट शेयरिंग
- नए सहयोगी दलों को जोड़ने की संभावनाएं
ममता, अखिलेश और तेजस्वी निभा सकते हैं अहम भूमिका
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी हैं। उन्होंने भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
वहीं समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के नेता भी गठबंधन की रणनीति को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। माना जा रहा है कि बैठक में राज्यों के स्तर पर बेहतर तालमेल बनाने को लेकर भी चर्चा होगी।
गठबंधन के सामने कई चुनौतियां
INDIA गठबंधन इस समय कई राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रहा है। कुछ क्षेत्रीय दल कांग्रेस की कार्यशैली को लेकर असंतोष जता चुके हैं, जबकि कई राज्यों में सहयोगी दलों के बीच प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिल रही है।
दूसरी ओर भाजपा लगातार विपक्षी गठबंधन को अवसरवादी और अस्थिर करार देती रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि विभिन्न दलों की अलग-अलग राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं गठबंधन की सबसे बड़ी कमजोरी हैं।
2029 की तैयारी का अहम पड़ाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक केवल वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बैठक के बाद जारी होने वाला संयुक्त बयान और भविष्य की रणनीति विपक्षी राजनीति की दिशा को लेकर कई संकेत दे सकती है।
निष्कर्ष
दिल्ली में आयोजित INDIA गठबंधन की यह बैठक विपक्षी राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जा रही है। जहां एक ओर 23 दलों की भागीदारी विपक्षी एकता का संदेश देने की कोशिश करेगी, वहीं DMK और AAP जैसे प्रमुख सहयोगियों की संभावित अनुपस्थिति गठबंधन की मजबूती को लेकर सवाल भी खड़े कर सकती है। अब सभी की निगाहें बैठक के नतीजों और नेताओं के साझा संदेश पर टिकी हुई हैं।
यह बैठक 8 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में आयोजित की जा रही है।
कांग्रेस के अनुसार 23 विपक्षी दलों ने बैठक में भाग लेने की पुष्टि की है।
DMK और कांग्रेस के बीच तमिलनाडु की राजनीतिक रणनीति को लेकर मतभेद सामने आए हैं, जिसके चलते पार्टी ने बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार AAP के बैठक में शामिल होने की संभावना कम है, हालांकि आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विपक्षी एकता को मजबूत करना, 2029 लोकसभा चुनाव की रणनीति तैयार करना और संसद में साझा विपक्षी रुख तय करना है।

