ईरान की नई चेतावनी: होर्मुज स्ट्रेट के पास मालवाहक जहाज पर हमला, इजरायल को दी बड़ी धमकी
होर्मुज स्ट्रेट के पास मालवाहक जहाज पर कथित हमला
दुबई/तेहरान, 26 जून 2026। मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। होर्मुज स्ट्रेट के पास सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज ‘Ever Lovely’ पर कथित ड्रोन हमले की घटना सामने आई है। अमेरिकी और ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा, हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि हमले में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि ईरान की ओर से इस दावे पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ईरान ने जहाजों को पहले ही दी थी चेतावनी
घटना से कुछ समय पहले IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए VHF रेडियो के जरिए चेतावनी जारी की थी। ईरान ने कहा कि केवल उसके द्वारा निर्धारित समुद्री मार्गों का ही उपयोग किया जाए और किसी भी अन्य रास्ते को “अस्वीकार्य और अत्यंत खतरनाक” बताया।
ईरान ने ओमान और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों द्वारा सुझाए गए अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर को भी स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
IMO ने सुरक्षा कारणों से अभियान रोका
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए जहाजों की निकासी से जुड़े अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
IMO के महासचिव ने कहा कि हालिया हमले और बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए फिलहाल अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। इसकी अहमियत
- दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है।
- LNG (Liquefied Natural Gas) की बड़ी मात्रा भी यहीं से गुजरती है।
- यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है।
- किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार को सीधे प्रभावित करता है।
इजरायल को ईरान की नई चेतावनी
ईरान ने एक बार फिर इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि दक्षिणी लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रही तो आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
ईरान का कहना है कि लेबनान में उसके सहयोगी समूहों के खिलाफ बढ़ती कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है। वहीं इजरायल ने संकेत दिया है कि वह सुरक्षा कारणों से अपनी रणनीति में फिलहाल कोई बदलाव नहीं करेगा।
भारत पर क्या पड़ सकता है असर?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व से आयात करता है। ऐसे में यदि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव और बढ़ता है तो इसके कई प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
संभावित असर
- कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी
- पेट्रोल और डीजल महंगे होने की आशंका
- शिपिंग लागत और बीमा प्रीमियम में वृद्धि
- आयात-निर्यात पर दबाव
- भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा चिंता
वैश्विक बाजार पर प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव लंबा चलता है तो:
- अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है।
- वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है।
- यूरोप और एशिया के कई देशों पर ऊर्जा संकट का दबाव बढ़ सकता है।
- समुद्री परिवहन की लागत में लगातार वृद्धि हो सकती है।
आगे क्या?
स्थिति फिलहाल बेहद संवेदनशील बनी हुई है। अमेरिका, यूरोपीय देशों और संयुक्त राष्ट्र की निगाहें इस पूरे घटनाक्रम पर हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री परिवहन पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास तेज हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम पहले से अधिक बना हुआ है।
निष्कर्ष
होर्मुज स्ट्रेट के पास हुए कथित हमले ने एक बार फिर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को दुनिया के सामने ला दिया है। ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव अब वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में LNG का परिवहन इसी रास्ते से होता है।
रिपोर्टों के अनुसार जहाज पर कथित ड्रोन हमला हुआ, जिसमें जहाज को नुकसान पहुंचा लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
यदि तनाव बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे भारत में ईंधन और आयात लागत प्रभावित हो सकती है।
स्थिति लगातार बदल रही है। सुरक्षा कारणों से समुद्री आवाजाही पर अतिरिक्त निगरानी और प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।

