महाराष्ट्र में आधी रात 4 भूकंप के झटके: हिंगोली, नांदेड़ और परभणी में दहशत, भारी बारिश के बीच कांपी धरती
मुंबई/हिंगोली, 9 जुलाई 2026। महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच गुरुवार देर रात मराठवाड़ा क्षेत्र में भूकंप के लगातार चार झटकों ने लोगों को डरा दिया। हिंगोली, नांदेड़ और परभणी जिलों में रात 1:37 बजे से 3:23 बजे के बीच आए इन झटकों के कारण लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह रही कि किसी भी जिले से जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, सबसे तेज झटका 4.6 तीव्रता का था, जबकि अन्य झटकों की तीव्रता 3.6, 3.9 और 4.1 दर्ज की गई। सभी भूकंपों का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था।
महाराष्ट्र में कब-कब आए भूकंप के झटके?
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, चारों झटके निम्न समय पर दर्ज किए गए—
- रात 1:37 बजे – तीव्रता 4.6
- रात 2:15 बजे – तीव्रता 3.6
- रात 2:17 बजे – तीव्रता 3.9
- रात 3:23 बजे – तीव्रता 4.1
इन झटकों का असर मुख्य रूप से हिंगोली के वसमत, कलमनुरी और औंधा नागनाथ क्षेत्र के साथ-साथ नांदेड़ और परभणी के कई इलाकों में महसूस किया गया।
आधी रात भूकंप से मची अफरा-तफरी
भूकंप के झटके अचानक महसूस होने के कारण लोग गहरी नींद से जाग गए। कई परिवार अपने घरों से बाहर निकलकर खुले मैदान और सड़कों पर पहुंच गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ सेकंड तक जमीन और घरों में कंपन महसूस हुआ। हालांकि प्रशासन ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि किसी प्रकार की बड़ी क्षति की सूचना नहीं मिली है।
भारी बारिश के बीच बढ़ी लोगों की चिंता
महाराष्ट्र पहले से ही मानसून की तेज बारिश का सामना कर रहा है। मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, पुणे और कई अन्य जिलों में लगातार बारिश से जलभराव, भूस्खलन और यातायात प्रभावित हुआ है।
मराठवाड़ा क्षेत्र में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में भूकंप के झटकों ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी।
बारिश से जुड़ी प्रमुख स्थिति
- कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी।
- कुछ रेल मार्गों पर भूस्खलन का असर।
- कई इलाकों में जलभराव से यातायात बाधित।
- राहत एवं बचाव एजेंसियां अलर्ट मोड पर।
हिंगोली क्षेत्र में पहले भी आ चुके हैं भूकंप
यह पहली बार नहीं है जब हिंगोली और आसपास के क्षेत्रों में भूकंप आया हो।
अप्रैल 2026 में भी 4.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसमें कुछ मकानों में दरारें आई थीं। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में कई हल्के भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे यह इलाका भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।
भूकंप क्यों आते हैं?
टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल है मुख्य वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधि के कारण भूकंप आते हैं। भारतीय प्लेट लगातार एशियाई प्लेट की ओर बढ़ रही है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में समय-समय पर भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं।
4.0 से 4.9 तीव्रता वाले भूकंप सामान्यतः हल्के माने जाते हैं। इनसे कंपन अधिक महसूस हो सकता है, लेकिन बड़े पैमाने पर नुकसान की संभावना अपेक्षाकृत कम रहती है।
प्रशासन अलर्ट पर, लोगों से सतर्क रहने की अपील
भूकंप के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति पर लगातार निगरानी रखी। राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की सलाह
- भूकंप के दौरान घबराएं नहीं।
- खुली जगह पर जाएं।
- भारी वस्तुओं को ऊंचाई पर रखने से बचें।
- क्षतिग्रस्त भवनों में प्रवेश न करें।
- केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। विशेष रूप से कोकण, घाट क्षेत्रों और मराठवाड़ा में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र में भारी बारिश के बीच लगातार चार भूकंप के झटके लोगों के लिए चिंता का कारण बने। हालांकि किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप संभावित क्षेत्रों में सतर्कता और आपदा तैयारी बेहद जरूरी है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील कर रहा है।

