NCORD की 10वीं बैठक: अमित शाह ने जारी किया विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029, ड्रग-फ्री इंडिया के लिए नई रणनीति
नई दिल्ली
देश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 26 जून 2026 को विज्ञान भवन में आयोजित NCORD (Narco-Coordination Centre) की 10वीं उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान ‘विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ जारी किया गया, जिसमें अगले तीन वर्षों के लिए भारत को ड्रग-फ्री बनाने का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया गया।
बैठक में 44 केंद्रीय मंत्रालयों, विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) तथा ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने हाइब्रिड माध्यम से भाग लिया।
क्या है NCORD और क्यों है महत्वपूर्ण?
NCORD यानी Narco-Coordination Centre की स्थापना वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने की थी। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
साल 2019 में इसे चार स्तरीय ढांचे में विकसित किया गया, जिसमें—
- केंद्रीय एपेक्स कमेटी
- एग्जीक्यूटिव कमेटी
- राज्य स्तरीय समितियां
- जिला स्तरीय समितियां
शामिल हैं। यह तंत्र ड्रग्स की तस्करी रोकने, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त कार्रवाई को मजबूत बनाता है।
विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 की मुख्य बातें
सरकार द्वारा जारी विजन डॉक्यूमेंट तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—
1. Demand Reduction (मांग में कमी)
- स्कूल एवं कॉलेजों में जागरूकता अभियान
- युवाओं को नशे से दूर रखने के कार्यक्रम
- राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन का विस्तार
2. Supply Reduction (आपूर्ति पर नियंत्रण)
- सीमा सुरक्षा मजबूत करना
- सिंथेटिक ड्रग्स पर कार्रवाई
- डार्कनेट के जरिए होने वाली तस्करी पर निगरानी
- अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग
3. Harm Reduction (हानि में कमी)
- डी-एडिक्शन सेंटरों का विस्तार
- काउंसलिंग सेवाएं
- पुनर्वास सुविधाओं को मजबूत करना
बैठक में लिए गए बड़े फैसले
बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं—
- Vision Document 2026-2029 का विमोचन
- NCB Annual Report 2025 जारी
- जम्मू और गुवाहाटी में नए NCB जोनल कार्यालयों का उद्घाटन
- दो सप्ताह का Drug Disposal Fortnight Campaign
- लगभग 2.09 लाख किलोग्राम जब्त नशीले पदार्थों का कानूनी रूप से निस्तारण
- जब्त ड्रग्स की अनुमानित कीमत करीब ₹6000 करोड़
अमित शाह का संदेश
अमित शाह ने कहा कि नशे का कारोबार केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि नारको-टेररिज्म से जुड़ा गंभीर खतरा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि—
- ड्रग माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
- युवाओं को नशे से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- सभी एजेंसियां मिलकर 2029 तक तय लक्ष्यों पर काम करेंगी।
भारत में ड्रग्स की बढ़ती चुनौती
भारत में हेरोइन, अफीम, चरस, कोकीन, सिंथेटिक ड्रग्स और दवाइयों के दुरुपयोग के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
विशेष रूप से—
- पंजाब
- हरियाणा
- दिल्ली
- उत्तर प्रदेश
- राजस्थान
- महाराष्ट्र
- ओडिशा
- पूर्वोत्तर राज्य
ड्रग तस्करी और नशे की समस्या से अधिक प्रभावित माने जाते हैं।
सरकार का कहना है कि NDPS Act के तहत लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और NCORD के जरिए राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है।
सरकार की आगे की रणनीति
सरकार की नई रणनीति में निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया है—
- आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी
- रीयल टाइम डेटा शेयरिंग
- एजेंसियों का प्रशिक्षण
- फॉरेंसिक लैब्स का विस्तार
- राज्यों के साथ बेहतर समन्वय
- स्कूल और कॉलेज स्तर पर जागरूकता अभियान
- डी-एडिक्शन एवं पुनर्वास सुविधाओं का विस्तार
निष्कर्ष
NCORD की 10वीं बैठक और Vision Document 2026-2029 भारत के ड्रग्स विरोधी अभियान का नया अध्याय माना जा रहा है। केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल तस्करी रोकना नहीं बल्कि युवाओं को नशे की लत से बचाकर एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण करना है। यदि इस रोडमैप का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले वर्षों में भारत ड्रग्स के खिलाफ अपनी लड़ाई को और अधिक मजबूत बना सकेगा।
उत्तर: NCORD (Narco-Coordination Centre) केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया समन्वय तंत्र है, जो ड्रग्स की तस्करी रोकने और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल स्थापित करने का कार्य करता है।
उत्तर: 26 जून 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित हुई।
उत्तर: यह केंद्र सरकार का तीन वर्षीय रोडमैप है, जिसका उद्देश्य भारत को ड्रग-फ्री बनाना है।
उत्तर: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने।
उत्तर: विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया, NCB Annual Report 2025 लॉन्च हुई, नए जोनल कार्यालय खोले गए और ₹6000 करोड़ मूल्य के ड्रग्स नष्ट करने का अभियान शुरू किया गया।

