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NSE IPO 2026: ₹30,000 करोड़ के मेगा इश्यू से रचेगा इतिहास, भारत का सबसे बड़ा IPO बनने की तैयारी

NSE का 30,000 करोड़ का बड़ा IPO - News Critic न्यूज़ ग्राफिक
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NSE IPO 2026: ₹30,000 करोड़ के मेगा इश्यू से रचेगा इतिहास, भारत का सबसे बड़ा IPO बनने की तैयारी

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश की सबसे बड़ी स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO (Initial Public Offering) के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है। अनुमान है कि यह इश्यू ₹30,000 करोड़ से अधिक का हो सकता है, जिससे यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन जाएगा।

यदि यह इश्यू तय आकार में लॉन्च होता है, तो यह Hyundai Motor India, LIC और Paytm जैसे बड़े आईपीओ के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगा। निवेशकों, ब्रोकरों और वित्तीय बाजार से जुड़े लोगों की नजरें अब इस मेगा लिस्टिंग पर टिकी हुई हैं।

NSE IPO क्यों है इतना खास?

NSE भारत की सबसे बड़ी और सबसे प्रभावशाली स्टॉक एक्सचेंज है। डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के मामले में यह दुनिया के सबसे सक्रिय एक्सचेंजों में शामिल है। वर्षों से निवेशक NSE के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार कर रहे थे, लेकिन नियामकीय और कानूनी चुनौतियों के कारण यह प्रक्रिया लगातार टलती रही।

अब DRHP दाखिल होने के बाद IPO की दिशा में सबसे बड़ा कदम उठ चुका है।

पूरी तरह OFS होगा NSE का IPO

NSE का IPO पूरी तरह Offer For Sale (OFS) मॉडल पर आधारित होगा। इसका मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे।

इस IPO के जरिए लगभग 14.89 करोड़ इक्विटी शेयर बाजार में उतारे जा सकते हैं, जो कुल हिस्सेदारी का करीब 6% हिस्सा है। चूंकि यह OFS है, इसलिए IPO से मिलने वाली राशि सीधे NSE को नहीं बल्कि शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलेगी।

कौन-कौन बेच रहे हैं शेयर?

इस मेगा IPO में कई बड़े संस्थागत निवेशक अपनी हिस्सेदारी का हिस्सा बेचने जा रहे हैं।

मुख्य विक्रेताओं में शामिल हैं:

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
  • Canada Pension Plan Investment Board
  • MS Strategic (Mauritius) Ltd
  • Aranda Investments
  • Bank of Baroda
  • GIC Re
  • New India Assurance
  • Stock Holding Corporation

दिलचस्प बात यह है कि LIC, जो NSE के प्रमुख शेयरधारकों में से एक है, इस IPO में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रही है।

लगभग ₹5 लाख करोड़ की वैल्यूएशन

अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयर लंबे समय से निवेशकों के बीच लोकप्रिय रहे हैं। वर्तमान अनुमानों के अनुसार कंपनी की वैल्यूएशन करीब ₹5 लाख करोड़ तक पहुंच चुकी है।

इसी आधार पर विश्लेषकों का मानना है कि IPO का आकार ₹30,000 करोड़ से ₹32,000 करोड़ के बीच रह सकता है।

10 साल की देरी के बाद आया IPO

NSE ने पहली बार 2016 में IPO लाने की कोशिश की थी। उस समय लगभग ₹10,000 करोड़ के इश्यू की योजना बनाई गई थी।

हालांकि को-लोकेशन विवाद और अन्य नियामकीय मामलों के चलते प्रक्रिया रोक दी गई। इसके बाद कई वर्षों तक जांच और कानूनी प्रक्रियाएं चलती रहीं।

पिछले कुछ वर्षों में NSE ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस, अनुपालन और जोखिम प्रबंधन को मजबूत किया। इसके बाद नियामकीय मंजूरियों का रास्ता साफ हुआ और अब IPO प्रक्रिया फिर से गति पकड़ चुकी है।

NSE की मजबूत वित्तीय स्थिति

NSE की कमाई और मुनाफा लगातार मजबूत बना हुआ है।

FY26 प्रदर्शन

  • राजस्व: ₹18,713 करोड़
  • शुद्ध लाभ: ₹10,180 करोड़ से अधिक

FY25 प्रदर्शन

  • राजस्व: ₹19,176 करोड़
  • शुद्ध लाभ: ₹11,605 करोड़

FY24 प्रदर्शन

  • राजस्व: ₹16,352 करोड़
  • शुद्ध लाभ: ₹8,406 करोड़

कंपनी का डेरिवेटिव्स बाजार में 90% से अधिक हिस्सा है, जो इसे भारतीय पूंजी बाजार की सबसे प्रभावशाली संस्थाओं में शामिल करता है।

20 मर्चेंट बैंकरों का रिकॉर्ड कंसोर्टियम

NSE ने IPO प्रबंधन के लिए 20 बुक रनिंग लीड मैनेजर्स नियुक्त किए हैं। भारतीय बाजार में यह अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है।

इनमें शामिल हैं:

  • Kotak Mahindra Capital
  • ICICI Securities
  • SBI Capital Markets
  • JM Financial
  • IIFL Capital
  • Motilal Oswal
  • Morgan Stanley
  • JP Morgan
  • Citigroup
  • Nuvama
  • HDFC Bank और अन्य

BSE पर होगी NSE की लिस्टिंग

नियमों के अनुसार कोई भी स्टॉक एक्सचेंज अपने ही प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध नहीं हो सकता। इसी वजह से NSE के शेयर BSE पर लिस्ट किए जाएंगे।

यह भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना होगी क्योंकि पहली बार देश की सबसे बड़ी एक्सचेंज सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध होगी।

निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?

NSE IPO को लेकर बाजार में उत्साह का माहौल है।

संभावित फायदे:

  • मजबूत और लाभदायक बिजनेस मॉडल
  • उच्च बाजार हिस्सेदारी
  • पारदर्शिता में वृद्धि
  • बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस
  • शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक

हालांकि निवेशकों को अंतिम प्राइस बैंड, बाजार की स्थिति और सेबी की मंजूरी का इंतजार करना होगा।

भारत के सबसे बड़े IPOs की सूची

कंपनीIPO आकार
NSE (संभावित)₹30,000 करोड़+
Hyundai Motor India₹27,858 करोड़
LIC₹20,557 करोड़
Paytm₹18,300 करोड़

यदि NSE का IPO अनुमानित आकार तक पहुंचता है तो यह भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन जाएगा।

आगे क्या होगा?

अब सेबी DRHP की समीक्षा करेगा और आवश्यक टिप्पणियां जारी करेगा। इसके बाद कंपनी रोडशो, प्राइस बैंड घोषणा और IPO लॉन्च की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी मंजूरियां समय पर मिलती हैं तो NSE की लिस्टिंग 2026 के अंत तक संभव हो सकती है।

निष्कर्ष

NSE IPO 2026 भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित हो सकता है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, बाजार में नेतृत्व और विशाल निवेशक रुचि इसे वर्ष का सबसे चर्चित IPO बना सकती है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि निवेशक इस मेगा इश्यू को किस तरह का समर्थन देते हैं।

1. NSE IPO का अनुमानित आकार कितना है?

NSE IPO का आकार लगभग ₹30,000 करोड़ से ₹32,000 करोड़ के बीच रहने का अनुमान है।

2. क्या NSE IPO में नए शेयर जारी होंगे?

नहीं, यह पूरी तरह Offer For Sale (OFS) होगा और नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे।

3. NSE की संभावित वैल्यूएशन कितनी है?

विश्लेषकों के अनुसार NSE की वैल्यूएशन करीब ₹5 लाख करोड़ हो सकती है।

4. NSE के शेयर किस एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे?

NSE के शेयर BSE पर लिस्ट किए जाएंगे क्योंकि कोई एक्सचेंज खुद पर लिस्ट नहीं हो सकता।

5. क्या NSE IPO भारत का सबसे बड़ा IPO बनेगा?

यदि इश्यू का आकार ₹30,000 करोड़ से अधिक रहता है, तो यह Hyundai Motor India के रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा IPO बन जाएगा।

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