हरियाणा के पांच बार मुख्यमंत्री रहे ओम प्रकाश चौटाला का निधन, जानते हैं उनका राजनितिक सफर कैसा रहा
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने अंतिम साँस गुरुग्राम स्थित अपने आवास पर ली। आइये जानते हैं ओम प्रकश चौटाला के राजनितिक सफर के बारे में। कैसे शुरुआत हुयी उनके राजनितिक सफर की शुरुआत।
ओम प्रकाश चौटाला का अब तक का सफर
आज़ादी के 12 साल पहले 1 जनवरी 1935 को हरियाणा के सिरसा में देवीलाल परिवार में ओम प्रकाश चौटाला का जन्म हुआ। इनके पिता चौधरी देवीलाल आज़ादी के बाद भारतीय राजनीति का हिस्सा बने और भारत के उपप्रधानमंत्री के पद पर अपनी सेवा दी। पिता के डिप्टी पीएम बनते ही ओम प्रकाश चौटाला ने पिता की राजनीतिक विरासत को संभाल ली।
साल 1996 में जनता दल में फूट पड़ी और चौधरी देवीलाल ने हरियाणा में जनता दल से अलग होकर इंडियन नेशनल लोकदल की स्थापना की। ओम प्रकाश चौटाला फिलहाल इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। इंडियन नेशनल लोकदल को शुरूआत के दिनों से किसानों की पार्टी माना जाता था। खुद चौधरी देवीलाल और ओम प्रकाश चौटाला किसानों के जमीनी नेता माने जाते थे। यही वजह है कि हरियाणा में उनकी जड़े काफी मजबूत थी।
पांच बार बने हरियाणा के मुख्यमंत्री
ओम प्रकाश चौटाला सन 1989 में पहली बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने। उनका यह कार्यकाल छः महीने का रहा। इसके बाद 1991 में उन्होंने लोकसभा का चुनाव भी लड़ा। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। फिर वक्त आया साल 1999 का देश में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार थी और राज्य में बीजेपी की मदद से ओम प्रकाश चौटाला ने एक बार फिर सत्ता की बागडोर संभाली। वह 1999 से 2005 तक हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे।
ओम प्रकाश चौटाला के दो बेटे हैं। अजय चौटाला और अभय चौटाला। जिन्हें राजनीती विरासत में मिली है।

