मणिपुर में नग्न कर महिलाओं को घुमाने वाले वायरल वीडियो पर प्रधानमंत्री ने कहा दोषियों को बक्शा नहीं जायेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंसाग्रस्त राज्य मणिपुर में वायरल वीडियो पर आज गुरुवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने संसद सत्र से पहले मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि घटना से बहुत दुखी हूँ, इस मामले में दोषियों को बिल्कुल भी बक्शा नहीं जायेगा। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज लोकतंत्र के मंदिर के पास खड़ा हूँ और तब मेरा मन क्रोध और पीड़ा से भरा हुआ है। किसी भी सभ्य समाज के लिए ये शर्मसार करने वाली घटना है। पाप करने वाले कितने हैं, कौन हैं, वो अपनी जगह पर हैं, लेकिन बेइज्जती पुरे देश की हो रही है। 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है।
मणिपुर घटना पर प्रधानमंत्री ने कहा
प्रधनमंत्री मोदी ने सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने अपने राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत करें। घटना चाहिए राजस्थान की हो, छत्तीसगढ़ की हो या मणिपुर की हो सभी राज्यों में कानून व्यवस्था कायम करें जहां पर नारी का सम्मान किया जाये। किसी भी गुनेहगार को बक्शा नहीं जायेगा। मणिपुर की बेटियों के साथ जो हुआ। इसको माफ़ नहीं किया जा सकता है।
पीएम ने कहा कि सावन का पवित्र मास चल रहा है। इस बार सावन माह दो महीने का है। इसलिए सावन मास की अवधी भी थोड़ी अधिक है। सावन मास पवित्र कार्यों के लिए अतिउत्तम माना जाता है। आज जब लोकतंत्र के मंदिर में सावन के पवित्र मास पर मिल रहे हैं। लोकतंत्र का मंदिर ऐसे पवित्र कार्य करने के लिए इससे बढ़िया अवसर नहीं हो सकता।
संसद सत्र को लेकर कहा
पीएम मोदी ने संसद सत्र शुरू होने से पहले संसद सत्र को लेकर कहा उनको विश्वाश है कि सभी सांसद इस सत्र को जनहित में सर्वाधिक उपयोग करेंगे। संसद की जो जिम्मेदारी है और सांसदों की जो जिम्मेदारी है, ऐसे अनेक कानूनों का बनना, उन पर विस्तार से चर्चा होना बहुत आवश्यक है। चर्चा जितनी पैनी होती है उतने ही अच्छे दूरगामी परिणाम देने वाले अच्छे निर्णय होते हैं। संसद में जितने भी सांसद आते हैं वे सभी धरती से जुड़े हुए होते हैं। जनता के दुःख दर्द को समझने वाले होते हैं। जब चर्चा होती है तो उनकी ओर से जड़ों से जुड़े हुए विचार आते हैं। जब चर्चा समृद्ध होती है तो निर्णय भी परिणामकारी निकलते हैं।
ये सत्र बहुत महत्त्वपूर्ण है इस सत्र में जो बिल लाये जा रहे हैं, वे सीधे सीधे जनता के हितों से जुड़े हुए हैं। युवा पीढ़ी डिजिटल वर्ल्ड का नेतृत्व कर रही है। ऐसे में डेटा प्रोटेक्शन बिल देश के प्रत्येक नागरिक को एक नया विश्वास देने वाला बिल है। विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला भी है। नेशनल रिसर्च फाउंडेशन नई शिक्षा निति के सन्दर्भ में एक नया कदम है। संसद में गंभीरता से इन बिलों पर चर्चा करेंगे और राष्ट्रहित के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।

