May 19, 2026

News Critic

Latest News In Hindi

अमेरिका की ईरान पर एयरस्ट्राइक की पाकिस्तान ने की कड़ी निंदा, कहा- क्षेत्रीय शांति को खतरा

ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर अमेरिका द्वारा किए गए हालिया सैन्य हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इस पर अब पाकिस्तान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अमेरिका की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले को ईरान की संप्रभुता के खिलाफ बताया गया है और साथ ही इसे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा करार दिया गया है।

पाकिस्तान की प्रतिक्रियाहमला निंदनीय और अस्वीकार्य

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान जैसे प्रमुख परमाणु ठिकानों पर जो हमला किया गया है, वह पूरी तरह अनुचित और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। पाकिस्तान ने इस हमले को सीधे-सीधे ईरान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता पर हमला बताया।

बयान में कहा गया है कि इस तरह की सैन्य कार्रवाइयां पहले से ही तनावग्रस्त मध्य-पूर्व क्षेत्र में हालात को और खराब कर सकती हैं। इससे हिंसा, अस्थिरता और संघर्ष और गहराने की आशंका है।

हमले से बढ़ेगा तनाव, पूरी दुनिया पर असर

पाकिस्तान ने यह भी कहा कि अमेरिका का यह कदम सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पूरे मध्य-पूर्व और यहां तक कि वैश्विक स्तर पर शांति एवं स्थिरता पर पड़ेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, “ऐसे हमलों से केवल एक देश नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में शांति व्यवस्था प्रभावित होती है। अमेरिका को इस बात की जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि वह एकतरफा सैन्य कार्रवाई कर अंतरराष्ट्रीय शांति को खतरे में डाल रहा है।”

ईरान को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार

पाकिस्तान ने ईरान के बचाव में स्पष्ट रूप से यह कहा कि उसे अपनी रक्षा करने का पूरा हक है। अमेरिका की यह कार्रवाई न केवल संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है, बल्कि यह उस सिद्धांत के भी खिलाफ है जो किसी भी देश को उसकी संप्रभुता की सुरक्षा का अधिकार देता है।

बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय कानून की भावना और नियमों का पालन करना हर राष्ट्र की जिम्मेदारी है। एकतरफा सैन्य हमले न केवल गैरकानूनी हैं, बल्कि खतरे की स्थिति को और भड़काते हैं।

बातचीत और कूटनीति को बताया समाधान का रास्ता

पाकिस्तान ने सभी संबंधित देशों से अपील की है कि वे संयम बरतें और सैन्य कार्रवाई की बजाय वार्ता और कूटनीतिक रास्ता अपनाएं। बयान में कहा गया कि संघर्ष के इस दौर में आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।

इसके अलावा, पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया कि वह स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाए। पाकिस्तान ने ज़ोर दिया कि इस तरह की सैन्य कार्रवाईयों से बचा जाना चाहिए और सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का सख्ती से पालन करना चाहिए।

अमेरिका द्वारा ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक मंच पर हलचल मचा दी है। पाकिस्तान ने इस पर जो तीखी प्रतिक्रिया दी है, वह इस बात का संकेत है कि इस मुद्दे को हल्के में नहीं लिया जा सकता। पाकिस्तान ने न सिर्फ इस हमले की निंदा की, बल्कि ईरान के अधिकारों का समर्थन करते हुए वैश्विक शांति के लिए चेतावनी भी दी है।

ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संकट को कैसे संभालता है और क्या कूटनीति के जरिए इस तनावपूर्ण स्थिति का समाधान निकलता है या हालात और बिगड़ते हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *