महाराष्ट्र में मंत्री और विधायक के बीच हुयी हाथापाई पर संजय राउत ने महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे पर हमला बोला
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ पार्टी के मंत्री और विधायक के बीच कहासुनी देखने को मिली। यह घटना महाराष्ट्र के विधान भवन की लॉबी में हुयी। राज्य में लोक निर्माण विभाग के मंत्री दादा भुसे और कर्जत से विधायक महेंद्र थोरवे के बीच यह कहासुनी राज्य विधानमंडल के बजट सत्र के अंतिम दिन हुई। विपक्ष ने इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए इसे गंभीर बताया। इस घटना पर उद्धव गुट के नेता और सांसद संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
यह गिरोह के भीतर गैंगवार है – संजय राउत
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री दादाजी भूसे और विधायक महेंद्र थोरवे के बीच हुयी हाथापाई पर सांसद संजय राउत ने कहा, “यह गिरोह के भीतर गैंगवार है। एक मंत्री और एक विधायक विधानसभा में एक-दूसरे से लड़ते हैं और गाली-गलौज करते हैं और देवेंद्र फडणवीस कहते हैं कि सब कुछ ठीक चल रहा है। मैं आरएसएस को पत्र लिखूंगा कि क्या यह उनकी विकास की परिभाषा है। यदि हां, तो मैं उनसे इसे बदलने के लिए कहूंगा।”
दरअसल यह घटना मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शिवसेना के अन्य विधायकों के साथ विधान भवन में अंदर जाने के ठीक बाद हुयी। भूसे और थोरवे के बीच बहस होने पर मंत्री शंभुराज देसाई और भरत गोगावले ने हस्तक्षेप किया। इस तरह की घटना पहली बार हुयी है कि सत्तारूढ़ दल के सदस्यों के बीच विधानमंडल परिसर में इस तरह की कहासुनी हुयी है। बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए, थोरवे ने कहा, ‘‘जब मैंने भुसे से विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के बारे में पूछा, वह उग्र हो गए… यदि विकास समय पर नहीं हो तो कोई क्या कर सकता है?’’ इस बीच, देसाई ने कहा कि शिवसेना के दोनों सदस्यों के बीच हाथापाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, ‘‘विधान भवन के अंदर कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं है। आपके पास क्या सबूत है।’’ थोरवे ने कहा, ‘‘दोनों विधायक विकास कार्यों पर चर्चा कर रहे थे, जिस दौरान उनमें से एक ने जोर से बोला। हम उन्हें अंदर ले गए और विषय का समाधान किया। मंत्री, विधायकों को तकनीकी समस्याओं के बारे में बताने की कोशिश कर रहे थे।’’ यह मुद्दा विधानपरिषद में भी गूंजा। विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा।
इस पर, सदन में शोरगुल हुआ, जिसके चलते उपसभापति नीलम गोरे को एक घंटे के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विधानसभा में, विपक्षी दलों कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने कहा कि सदन के दो सदस्यों के बीच झड़प हुई। उन्होंने इस घटना को ‘गंभीर’ बताया। उन्होंने सरकार को इस मुद्दे पर एक बयान जारी करने के लिए समय देने के वास्ते सदन को स्थगित करने की मांग की।

