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महिला आरक्षण पर लोकसभा में गरमाया माहौल, कल्याण बनर्जी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

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महिला आरक्षण के मुद्दे पर संसद में चल रही चर्चा के दौरान शुक्रवार (17 अप्रैल) को लोकसभा का माहौल अचानक काफी गर्म हो गया। पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने इस विषय पर बोलते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में नहीं है और यह मुद्दा केवल दिखावे के लिए उठाया जा रहा है।

कल्याण बनर्जी ने अपने भाषण में कहा कि सरकार महिलाओं के हितों की बात तो करती है, लेकिन उसे लागू करने की कोई ठोस योजना नजर नहीं आती। उन्होंने प्रधानमंत्री पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब एक “नौटंकी” और “ड्रामा” है। उनके इस बयान के बाद सदन में काफी हंगामा देखने को मिला और कई सांसदों ने इसका विरोध भी किया।

50% आरक्षण और महिला नेतृत्व की मांग

अपने संबोधन में टीएमसी सांसद ने महिला आरक्षण को लेकर कुछ बड़े सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि केवल संसद और विधानसभा में सीटें आरक्षित करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को मंत्रालयों में भी 50 प्रतिशत महिलाओं की नियुक्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। उनका मानना था कि जब तक प्रशासनिक और निर्णय लेने वाले पदों पर महिलाओं की बराबर भागीदारी नहीं होगी, तब तक असली सशक्तिकरण संभव नहीं है।

इसके साथ ही उन्होंने एक और अहम मांग उठाई कि प्रधानमंत्री पद के लिए भी रोटेशन के आधार पर महिलाओं के लिए आरक्षण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बनते हैं, तो अगली बार इस पद पर किसी महिला को मौका दिया जाना चाहिए।

कल्याण बनर्जी ने यह भी दावा किया कि 2029 के आम चुनाव में बीजेपी सत्ता में वापस नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं को ज्यादा अवसर देने के लिए तैयार है और इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहती है।

लोकसभा अध्यक्ष और धार्मिक संदर्भों पर टिप्पणी

टीएमसी सांसद ने अपने भाषण के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उनके अच्छे संबंध होने के बावजूद वे यह सुझाव देना चाहते हैं कि इस बार लोकसभा अध्यक्ष का पद भी किसी महिला को दिया जाना चाहिए।

इसके अलावा उन्होंने अपने भाषण में धार्मिक संदर्भों का इस्तेमाल करते हुए भी बीजेपी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भारत में नारी शक्ति की पूजा की परंपरा रही है, जहां काली माता और दुर्गा माता की आराधना की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी केवल भगवान श्रीराम का नाम लेकर राजनीति करती है, जबकि सीता माता को नजरअंदाज किया जाता है।

कल्याण बनर्जी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि बीजेपी इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही। उन्होंने अंत में फिर दोहराया कि महिला आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है और यह केवल एक दिखावटी पहल है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद लोकसभा में काफी शोर-शराबा हुआ, जिससे कुछ समय के लिए कार्यवाही भी प्रभावित हुई।

 

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