पाकिस्तानी विदेश मंत्री के भारतीय दौरे के समय राजौरी में आतंकी हमला, इससे पहले भी हो चूका है ऐसा
पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के भारत दौरे के समय जम्मू एंड कश्मीर के राजोरी में आतंकी हमला हुआ। इस घटना के बाद से ऐसी आशंका जताई जा रही है कि आतंकवादियों ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए दौरे को निशाना बनाया है। हमला जिले के कंडी क्षेत्र में हुआ जब सेना आतंकियों के खिलाप एक ओप्रशन चला रही थी। राजोरी हमले सेना के पांच जवान शहीद हो गए।
ऐसा पहले भी कई बार हुआ है कि जब भी कोई पाकिस्तानी बड़ा नेता भारतीय दौरे पर आया। उस समय भारत पर आतंकी हमले हुए। आइये जानते अब से पहले कब कब ऐसा हुआ है। कौन कौन सी आतंकी घटनाएं घटी और भारत ने कैसे इसका जवाब दिया।
* कारगिल युद्ध
1999 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने पाकिस्तान के साथ रिश्ते बेहतर बनाने के लिए दिल्ली से लाहौर तक सदा ए सरहद बस सेवा 19 फरबरी 1999 को शुरू की। इस बस सेवा की शुरुआत करते हुए स्वयं अटल बिहारी बाजपेयी पहले पैसेंजर के तौर पर पाकिस्तान गए। जहाँ बाघा बार्डर पर पाकिस्तानी प्रधानमत्री नवाज शरीफ ने अटल बिहारी बाजपेयी का स्वागत किया। उस समय बाजपेयी जी दो दिवसीय दौरे पर पाकिस्तान गए थे। यहाँ उन्होंने नवाज शरीफ के साथ दोनों देशों के आपसी संबंधों की नई शुरुआत की बात की थी। इसी मुलाकात में दोनो के बीच लाहौर घोषणापत्र नामक द्विपक्षीय समझौता भी हुआ था। लेकिन कुछ समय बाद ही पाकिस्तानी घुसपैठ के कारण भारत को कारगिल युद्ध लड़ना पड़ा। जिसमे भारत ने पाकिस्तान को मुहतोड़ जवाब दिया।
* संसद हमला
2001 में आगरा में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी और पाकिस्तानी राष्ट्रपति मुशर्रफ के बीच आगरा शिखर बैठक के तहत वार्ता हुयी। परवेज मुशर्रफ के साथ अटल बिहारी बाजपेयी की यह वार्ता विफल रही। इस वार्ता के कुछ महीने बाद ही दिल्ली में देश की संसद पर आतंकी हमला हुआ। जिसमे पांच आतंकी समेत 14 और लोग मारे गए। इस हमले के पीछे अफजल गुरु, एसएआर गिलानी और शौकत हुसैन समेत पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई शामिल थे। 2013 में अफजल गुरु को फांसी दे दी गयी।
* मुंबई हमला
नवंबर 2008 में पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी दिल्ली दौरे पर आये थे। भारत के तत्कालीन विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी और शाह महमूद के बीच उच्चस्तरीय बैठक होनी थी। लेकिन इसी बीच मुंबई में आतंकी हमला हुआ। जिससे बैठक बीच में ही रद्द हो गयी। इस हमले में 166 लोग मरे गए थे।
* पठान कोट हमला
25 दिसंबर 2015 में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के जन्म दिन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक अफगानिस्तान से लौटते समय काबुल से लाहौर पहुंच गए और नवाज शरीफ के निवास जट्टी उमरा रायविंड पैलेस पहुंच गए। यह मुलाकात डेढ़ घंटे चली। इसके बाद भी पाकिस्तान ने वादा खिलापी की। इसके बाद 2 जनवरी 2016 को पठान कोट में और 18 सितम्बर 2016 को उरी में आतंकी हमले हुए। पठान कोट में एयरवेस के अंदर सात सुरक्षा कर्मी शहीद हुए और 37 अन्य लोग घायल हुए थे। हमला करने आये सभी आतंकी मारे गए थे। उरी हमले में 17 जवान शहीद हुए थे। हमले के 11 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान स्थित लांच पैडो पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। जिसमे 150 से ज्यादा आतंकी मारे गए।
* राजोरी हमला
गुरुवार 4 मई को पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो दो दिवसीय भारत दौरे पर गोवा में शंघाई सहयोग संगठन में शामिल होने पहुंचे। इसी बीच शुक्रवार को जम्मू संभाल के जिला राजोरी के कंडी इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गयी। इस घटना में सेना के पांच जवान शहीद हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की एक सयुक्त टीम ने क्षेत्र में आतंकियों के होने की विशेष सूचना पर तलाशी अभियान चलाया। जैसे ही सयुक्त टीमें संदिग्ध स्थान पर पहुंची आतंकियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्यवाही में सेना के पांच जवान शहीद हो गए। हमले के बाद राजोरी के केसरी हिल इलाके में जारी सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया। जबकि अन्य के जख्मी होने की सुचना है। आतंकियों के पास से भरी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं।
