वेनेजुएला में दो शक्तिशाली भूकंप: 235+ मौतें, हजारों घायल, पीएम मोदी ने मदद का ऐलान
वेनेजुएला भूकंप 2026: 39 सेकंड में आए दो बड़े झटकों ने मचाई तबाही
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 24 जून 2026 को आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी। केवल 39 सेकंड के अंतराल में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के झटकों ने राजधानी काराकास सहित कई राज्यों को हिला दिया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 235 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं और बचाव अभियान लगातार जारी है।
USGS के अनुसार क्या हुआ?
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक पहला भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम करीब 6:04 बजे याराकुई राज्य के सैन फेलिपे क्षेत्र के पास आया। इसकी तीव्रता 7.2 मापी गई। इसके केवल 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया।
दोनों भूकंप सैन सेबेस्टियन फॉल्ट सिस्टम पर आए और इनकी गहराई केवल 10 से 22 किलोमीटर थी। कम गहराई के कारण सतह पर कंपन बेहद तेज महसूस हुआ, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ।
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके
काराकास और ला गुआइरा में भारी तबाही
राजधानी काराकास और समुद्र तटीय राज्य ला गुआइरा सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई बहुमंजिला इमारतें ढह गईं जबकि अनेक होटल और आवासीय भवन पूरी तरह नष्ट हो गए।
सबसे अधिक नुकसान वाले क्षेत्रों में शामिल हैं—
- ला गुआइरा
- लॉस पालोस ग्रांडे
- अल्तामिरा
- चाकाओ
- बारुता
- मोरोन
- पुएर्तो काबेल्लो
सिमोन बोलिवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। कई इलाकों में बिजली, पानी और संचार सेवाएं भी बाधित हैं।
बचाव अभियान लगातार जारी
भूकंप के बाद सेना, राहत एजेंसियां और हजारों स्वयंसेवक मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं। कई स्थानों पर भारी मशीनों की कमी के कारण स्थानीय लोग अपने हाथों से मलबा हटाकर लोगों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद शुरुआती 72 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, जिन्हें “गोल्डन पीरियड” माना जाता है।
आपातकाल घोषित, सरकार ने मांगी अंतरराष्ट्रीय मदद
कार्यवाहक राष्ट्रपति ने देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। गैस सप्लाई बंद कर दी गई है, मेट्रो सेवाएं रोक दी गई हैं और कई स्कूलों को राहत शिविरों में बदल दिया गया है। सरकार ने दुनिया के कई देशों से सहायता की अपील की है।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला में आई इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने कहा कि भारत हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है।
सूत्रों के अनुसार भारत राहत सामग्री, मेडिकल टीम और आवश्यक मानवीय सहायता भेजने की तैयारी कर रहा है।
दुनिया के कई देशों ने की सहायता की घोषणा
वेनेजुएला की मदद के लिए कई देशों ने आगे आकर सहायता का ऐलान किया है।
- अमेरिका ने राहत राशि और सर्च एंड रेस्क्यू टीम भेजने की घोषणा की।
- ब्राजील, स्पेन, फ्रांस, मेक्सिको और कतर ने सहायता देने का भरोसा दिया।
- अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियां भी प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हो गई हैं।
क्यों आता है वेनेजुएला में बार-बार भूकंप?
वेनेजुएला कैरिबियन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट की सीमा पर स्थित है। यहां मौजूद सैन सेबेस्टियन फॉल्ट सिस्टम लंबे समय से सक्रिय माना जाता है। इसी वजह से यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में आफ्टरशॉक्स का खतरा बना रह सकता है।
निष्कर्ष
वेनेजुएला में आया यह भूकंप हाल के वर्षों की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जा रहा है। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मानवीय सहायता से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तर: 24 जून 2026 को 39 सेकंड के अंतराल पर दो बड़े भूकंप आए।
उत्तर: पहले भूकंप की तीव्रता 7.2 और दूसरे की 7.5 रिक्टर स्केल पर दर्ज की गई।
उत्तर: आधिकारिक जानकारी के अनुसार 235 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
उत्तर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा जताया है और राहत सामग्री व मेडिकल सहायता भेजने की तैयारी की जा रही है।
उत्तर: काराकास, ला गुआइरा, अल्तामिरा, चाकाओ, बारुता, मोरोन और पुएर्तो काबेल्लो सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

