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यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: मथुरा में बस-ट्रेलर की टक्कर, 4 यात्रियों की मौत, 19 घायल

यमुना एक्सप्रेसवे पर मथुरा के पास हुए भीषण बस-ट्रक हादसे की खबर का मुख्य ग्राफिक - News Critic
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मथुरा: यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक सड़क हादसा

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में मंगलवार तड़के यमुना एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। लखनऊ से नोएडा और दिल्ली की ओर जा रही गोला बस सर्विस की वोल्वो बस आगे चल रहे गिट्टी से लदे ट्रेलर से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा लगभग 8 फीट तक ट्रेलर में घुस गया।

इस हादसे में 4 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हो गए। बस में करीब 65 यात्री सवार थे। कई यात्री सीटों में बुरी तरह फंस गए, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।

हादसा कब और कैसे हुआ?

यह दुर्घटना मथुरा के राया थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन-112 के पास सुबह करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच हुई।

प्रारंभिक जांच के अनुसार राजस्थान नंबर का गिट्टी लदा ट्रेलर अपनी लेन में चल रहा था। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही बिहार नंबर की वोल्वो बस अनियंत्रित होकर ट्रेलर से जा भिड़ी।

पुलिस का मानना है कि शुरुआती जांच में ओवरस्पीडिंग और चालक की लापरवाही हादसे का प्रमुख कारण प्रतीत हो रही है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में कई एजेंसियां जुटीं

दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया।

यात्रियों को निकालने के लिए तोड़नी पड़ी बस

  • बस की खिड़कियां और इमरजेंसी गेट काटे गए।
  • कई यात्री सीटों में फंसे हुए थे।
  • रेस्क्यू टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद सभी घायलों को बाहर निकाला।

घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मथुरा जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ यात्रियों को आगरा और दिल्ली रेफर किया गया।

करीब 35 यात्रियों को मामूली चोटें आईं या वे सुरक्षित रहे, जिन्हें बाद में दूसरी बसों के जरिए उनके गंतव्य तक भेजा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया हादसे का मंजर

घायल यात्री प्रीति श्रीवास्तव ने बताया कि बस हादसे से लगभग आधे घंटे पहले एक ढाबे पर रुकी थी।

उनके अनुसार अधिकांश यात्री सो रहे थे। अचानक तेज झटका लगा और बस ट्रेलर से टकरा गई। कई लोग सीटों से नीचे गिर गए। यात्रियों ने इमरजेंसी गेट का शीशा तोड़कर अपनी जान बचाई।

डॉक्टरों ने क्या बताया?

जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार—

  • कई यात्रियों की जांघ की हड्डी टूट गई है।
  • 2 से 3 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
  • बाकी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।

मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और परिजनों को सूचना दी जा रही है।

प्रशासन ने क्या कहा?

घटना की जानकारी मिलते ही मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार अस्पताल पहुंचे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार—

  • ट्रेलर अपनी लेन में चल रहा था।
  • बस की गति काफी अधिक थी।
  • हादसे की सूचना मिलते ही 8 पीआरबी और 12 एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं।
  • यातायात को जल्द सामान्य कर दिया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए घायलों के बेहतर इलाज और मृतकों के परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

यमुना एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे

यमुना एक्सप्रेसवे देश के सबसे तेज रफ्तार एक्सप्रेसवे में से एक माना जाता है। हालांकि यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं भी होती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार मुख्य कारण हैं—

  • ओवरस्पीडिंग
  • रात में ड्राइविंग के दौरान थकान
  • लेन अनुशासन का पालन न करना
  • भारी वाहनों और यात्री बसों का मिश्रित यातायात

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एक्सप्रेसवे पर अधिक स्पीड कैमरे, बेहतर लाइटिंग, अतिरिक्त रेस्ट एरिया और सख्त निगरानी की आवश्यकता बता रहे हैं।

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।

जांच के दौरान इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा—

  • क्या बस निर्धारित गति सीमा से अधिक चल रही थी?
  • चालक लगातार कितने घंटे से वाहन चला रहा था?
  • बस कंपनी ने सुरक्षा मानकों का पालन किया था या नहीं?
  • ट्रेलर और बस दोनों की तकनीकी जांच।

फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है।

सड़क सुरक्षा के लिए क्या सीख मिलती है?

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए यात्रियों और परिवहन कंपनियों दोनों की जिम्मेदारी है।

यात्रियों को चाहिए कि—

  • सीट बेल्ट उपलब्ध हो तो उसका उपयोग करें।
  • तेज रफ्तार होने पर चालक को सावधानी बरतने के लिए कहें।
  • रात की यात्रा में सतर्क रहें।

वहीं परिवहन विभाग को बस ऑपरेटरों की नियमित जांच और ड्राइवरों के कार्य घंटे तय करने जैसे नियमों का सख्ती से पालन कराना चाहिए।

निष्कर्ष

मथुरा के यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रारंभिक जांच में ओवरस्पीडिंग को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है, हालांकि अंतिम कारण विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है। उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

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