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भारत टैक्सी का बड़ा विस्तार: अमित शाह बोले- अगले 2 साल में 500 से अधिक शहरों में शुरू होगी सहकारी टैक्सी सेवा

शहर की भीड़भाड़ वाली सड़क पर चलती एक सफेद रंग की 'भारत टैक्सी' (Bharat Taxi) और बाईं ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गोल तस्वीर वाला समाचार बैनर। बैनर के ऊपरी हिस्से में 'न्यूज क्रिटिक' (News Critic) का लोगो और सहकारिता दिवस पर 2 साल में पूरे देश में 'भारत टैक्सी' दौड़ाने से जुड़ी हेडलाइन लिखी है।
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नई दिल्ली:

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस के अवसर पर देश के परिवहन क्षेत्र के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि ‘भारत टैक्सी’ को अगले दो वर्षों में देश के सभी राज्यों और 500 से अधिक शहरों तक विस्तारित किया जाएगा।

सरकार का दावा है कि यह देश का पहला सहकारी (Cooperative) राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म होगा, जिसका उद्देश्य ड्राइवरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और यात्रियों को पारदर्शी व किफायती सेवा उपलब्ध कराना है।

क्या है ‘भारत टैक्सी’?

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने बताया कि भारत टैक्सी एक सहकारी मॉडल पर आधारित टैक्सी प्लेटफॉर्म है। इसका पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने के बाद अब इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है।

सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में यह सेवा छोटे-बड़े 500 से अधिक शहरों में उपलब्ध हो जाए।

ड्राइवरों को क्या मिलेगा फायदा?

भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवर केवल टैक्सी चालक नहीं होंगे, बल्कि प्लेटफॉर्म के साझेदार (Stakeholder) भी बनेंगे।

जीरो-कमीशन मॉडल

वर्तमान में कई निजी टैक्सी कंपनियां ड्राइवरों से भारी कमीशन लेती हैं। लेकिन भारत टैक्सी में किसी प्रकार का कमीशन नहीं लिया जाएगा, जिससे ड्राइवरों को उनकी पूरी कमाई मिलेगी।

ड्राइवर होंगे सह-मालिक

सरकार के अनुसार, इस मॉडल में ड्राइवरों को केवल कर्मचारी नहीं बल्कि प्लेटफॉर्म का सह-मालिक बनाया जाएगा। इससे उनकी आय और भागीदारी दोनों बढ़ेंगी।

आर्थिक सहायता और सुरक्षा

भारत टैक्सी से जुड़े ड्राइवरों को कई अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलेंगी, जिनमें शामिल हैं—

  • कम ब्याज पर ऋण
  • बीमा सुविधा
  • व्यवसाय विस्तार के लिए आर्थिक सहयोग
  • सहकारी संस्थाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता

यात्रियों को क्या होगा लाभ?

सरकार का कहना है कि इस मॉडल से यात्रियों को भी कई फायदे मिलेंगे।

  • किफायती किराया
  • पारदर्शी भुगतान व्यवस्था
  • बेहतर सेवा गुणवत्ता
  • सुरक्षित यात्रा
  • ड्राइवर और यात्री दोनों के हितों का संतुलन

निजी कैब कंपनियों को मिलेगी चुनौती

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने निजी ऐप-आधारित टैक्सी कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कई प्लेटफॉर्म ड्राइवरों से अधिक कमीशन लेते हैं, भुगतान में देरी करते हैं और बिना स्पष्ट कारण के उनकी आईडी ब्लॉक कर देते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी एक पारदर्शी और सहकारी मॉडल के रूप में उभरेगी, जिससे ड्राइवरों का शोषण कम होगा और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा।

सहकारी जीवन बीमा कंपनी का भी ऐलान

अमित शाह ने कार्यक्रम में एक सहकारी जीवन बीमा कंपनी शुरू करने की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि जिस तरह इफको-टोकियो जैसे मॉडल सफल रहे हैं, उसी तरह सहकारी क्षेत्र बीमा सेक्टर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नौ नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों के गठन की भी घोषणा की गई।

भारत टैक्सी से सरकार की क्या है उम्मीद?

सरकार का मानना है कि यह पहल केवल टैक्सी सेवा तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि सहकारिता मॉडल को परिवहन, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सेवाओं तक पहुंचाएगी।

यदि योजना सफल रहती है तो लाखों ड्राइवरों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और यात्रियों को एक भरोसेमंद वैकल्पिक टैक्सी सेवा उपलब्ध होगी।

निष्कर्ष

भारत टैक्सी भारत के परिवहन क्षेत्र में सहकारिता मॉडल की एक नई शुरुआत मानी जा रही है। अगले दो वर्षों में 500 से अधिक शहरों तक विस्तार की योजना इसे देश के सबसे बड़े सार्वजनिक हित वाले टैक्सी प्लेटफॉर्म में बदल सकती है। यदि सरकार अपने वादों के अनुसार जीरो-कमीशन और ड्राइवर-स्वामित्व मॉडल को सफलतापूर्वक लागू करती है, तो यह निजी कैब एग्रीगेटर्स के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

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