कर्नाटक निवेश घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, 2,110 करोड़ रुपये जुटाने का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक में सामने आए कथित बड़े निवेश घोटाले की जांच तेज कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी की मंगलुरु टीम ने 7 अगस्त को बेलगावी, चिक्कोडी और निपानी में कई ठिकानों पर छापेमारी की। ये कार्रवाई शिवम एसोसिएट्स, शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नावर और उनसे जुड़े लोगों तथा कंपनियों के परिसरों में की गई।
ED की यह कार्रवाई ऐसे मामले में हुई है, जिसमें लोगों को हर महीने निवेश की रकम पर 3 फीसदी तक रिटर्न देने का वादा करके पैसा जुटाने का आरोप है। इस मामले में बेलगावी के मालामारुति थाने में शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई थी। मामला अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम पर रोक लगाने वाले कानून और कर्नाटक में जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा से जुड़े कानून के तहत दर्ज किया गया है।
2,110 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने का आरोप
जांच के दौरान ED को पता चला कि शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नावर ने बड़ी संख्या में लोगों से निवेश के नाम पर कथित तौर पर करीब 2,110.97 करोड़ रुपये इकट्ठा किए। एजेंसी के मुताबिक, इस रकम में से लगभग 333.89 करोड़ रुपये निवेशकों को वापस किए जाने की जानकारी मिली है।
इसके बाद करीब 1,777.08 करोड़ रुपये की रकम का हिसाब अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी राशि को कहां इस्तेमाल किया गया, किन खातों में भेजा गया या किन संपत्तियों और निवेश माध्यमों में लगाया गया। एजेंसी इस पूरे वित्तीय नेटवर्क और पैसों की आवाजाही की जांच कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि लोगों को निवेश योजना से जोड़ने के लिए एजेंटों का इस्तेमाल किया जाता था। इन एजेंटों को निवेशकों से पैसा जुटाने के बदले 0.5 फीसदी तक कमीशन दिए जाने की जानकारी मिली है। ED अब यह भी जांच रही है कि इस नेटवर्क में कितने एजेंट जुड़े थे और उनके जरिए कितनी रकम जुटाई गई।
बैंक खातों और निवेश से जुड़े लेन-देन की जांच
छापेमारी के दौरान ED को कई बैंक खातों और निजी व कारोबारी खातों से जुड़े वित्तीय लेन-देन के सबूत मिले हैं। जांच एजेंसी को ऐसी जानकारी भी मिली है कि निवेश से जुटाई गई रकम का कुछ हिस्सा स्टॉक ब्रोकरों, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खातों, रिश्तेदारों और अन्य लोगों तक पहुंचाया गया।
एजेंसी अब इन लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित तौर पर जुटाई गई रकम का वास्तविक इस्तेमाल किस तरह किया गया। संपत्तियों और अन्य निवेशों से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।
ED की छापेमारी में वित्तीय लेन-देन, निवेश, संपत्तियों और पैसों को एक जगह से दूसरी जगह भेजने से संबंधित कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य डिजिटल माध्यमों से जुड़े सबूत भी जब्त किए गए हैं।
फिलहाल जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डेटा का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। ED के अनुसार, जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

