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संसद में गतिरोध के बीच अमित शाह ने तोड़ी चुप्पी, बोले- हर सवाल का जवाब देने को तैयार

संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सत्र का अब केवल एक दिन बाकी है और इसी बीच सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विपक्ष लगातार गृह मंत्री अमित शाह के सदन में बयान की मांग कर रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि वह संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।

इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पूरे मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि वह संसद से गायब हैं या सदन में चर्चा से बच रहे हैं। शाह ने कहा कि संसद का सत्र शुरू होने के बाद से वह लगातार संसद आ रहे हैं और अपने कार्यालय में मौजूद रहते हैं। उनका कहना था कि विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही है।

अमित शाह ने कहा कि सरकार किसी भी विषय पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह स्पीकर को चर्चा के लिए पत्र दे, ताकि सदन में मुद्दे पर विस्तार से बातचीत हो सके।

अमित शाह बोले- चर्चा होगी तो हर सवाल का दूंगा जवाब

गृह मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा के लिए समय तय करने और सदन को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी अब विपक्ष को निभानी चाहिए।

अमित शाह ने यह भी कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से सदन में विपक्ष की बात सुनने और उनके सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष के सामने दो विकल्प रखे- या तो वह चर्चा करे या फिर हंगामा जारी रखे।

शाह के मुताबिक, यदि विपक्ष तय समय तक स्पीकर को चर्चा के लिए पत्र देता है तो अगले दिन सदन में सभी संबंधित मुद्दों पर बातचीत की जा सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि वह खुद सदन में मौजूद रहेंगे और विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सवालों का जवाब देंगे।

राहुल गांधी का पलटवार, बोले- गृह मंत्री में हिम्मत नहीं

अमित शाह के बयान के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को केवल गृह मंत्री का बयान सुनने में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वह उन सवालों का जवाब चाहता है जो छात्रों से जुड़े घटनाक्रम को लेकर उठ रहे हैं।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई में गोली चलाने और कथित तौर पर कील लगी लाठियों के इस्तेमाल के आदेश को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि इस कार्रवाई का आदेश गृह मंत्री की ओर से दिया गया था, तो उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

राहुल गांधी ने अमित शाह पर संसद में मौजूद नहीं रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह पिछले कई दिनों से सदन में जवाब देने से बच रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवाल देश की युवा पीढ़ी से जुड़े हैं।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अमित शाह के बयान से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए उनकी चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति में सच बोलने का साहस नहीं होता, तो उसकी चुप्पी भी बहुत कुछ कहती है।

एक दिन बाकी, क्या खत्म होगा संसद का गतिरोध?

मानसून सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा दोनों में कई मौकों पर हंगामे के कारण कामकाज प्रभावित हुआ है। विपक्ष जहां गृह मंत्री के बयान और संबंधित मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष भी विपक्ष के विरोध के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है।

इस पूरे विवाद में झारखंड में छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई भी राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। विपक्ष सरकार से इस मामले में जवाब मांग रहा है, जबकि एनडीए सांसद भी छात्रों से जुड़े घटनाक्रम और विपक्ष के रुख को लेकर विरोध कर रहे हैं।

अब सत्र समाप्त होने में केवल एक दिन बचा है। ऐसे में अमित शाह का यह कहना कि वह सदन में मौजूद रहकर सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हैं, गतिरोध खत्म होने की उम्मीद जरूर बढ़ाता है। हालांकि, अंतिम दिन वास्तव में चर्चा हो पाएगी या सदन एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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